द फॉलोअप डेस्क
बिहार के समस्तीपुर जिले में मंगलवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल जिले लरझाघाट थाना क्षेत्र के एक गांव में शौचालय की टंकी साफ करने के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान भानू साह के 42 वर्षीय बेटे राम उमेश साह, उनके भाई दया राम साह और दया राम साह का 15 वर्षीय बेटा राधेश्याम कुमार के रूप में हुई है। तीनों टंकी में उतरने के बाद बेहोश हो गए। एक व्यक्ति टंकी के रिसाव को रोकने के लिए उतरे थे और 2 अन्य पहले व्यक्ति को बचाने बाद में उतरे थे तभी ऑक्सीजन की कमी से तीनों की जान चली गई। जिससे पूरे गांव में मातम छा गया है। वहीं टंकी से शव को निकालने के लिए JCB की मदद ली गई और टंकी के दीवार को तोड़कर शव को निकाला गया। 
स्थानीय लोगों के अनुसार राम उमेश साह टंकी में उतरे और बाहर नहीं लौटे। इसके बाद उन्हें बचाने के लिए दया राम टंकी में उतरे लेकिन वह भी वापस नहीं लौटे। फिर राधे श्याम उन दोनों को बचाने की कोशिश में नीचे गए लेकिन जहरीली गैस के कारण तीनों बेहोश हो गए। शोर सुनने के बाद ग्रामीणों ने JCB बुलवाकर दीवार तोड़ी और तीनों को बाहर निकाला। और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें बेगूसराय रेफ़र कर दिया गया लेकिन रास्ते में ही तीनों ने दम तोड़ दिया। 
घटना के बाद परिजनों ने हसनपुर CHC पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब तीनों को बेहोशी की अवस्था में अस्पताल लाया गया तब वहां ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी। यदि समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध हो पाता और इलाज बेहतर मिल पाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की स्थिति पहले से ही बहुत नाजुक थी उन्हे बचाना संभव नहीं था।