दिल्ली:
केंद्र सरकार (Central Government) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर 5 साल के लिए प्रतिबंध (Ban for 5 years) लगा दिया है। गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर UAPA एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद से ही पक्ष के साथ-साथ विपक्षी नेताओं द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी बैन लगाने की मांग उठ रही है। कांग्रेस सांसद के सुरेश के बाद अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मांग की है।

RSS जैसे संगठनों पर भी लगना चाहिए बैन!
राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा है कि केवल PFI ही नहीं बल्कि RSS जैसे संगठनों पर भी बैन लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि RSS को बैन पहले भी किया गया था और एक साथ इस तरह के जितने भी संगठन हैं सबको बैन करिए और जांच करिए। कुछ मिले तो कार्रवाई करिए। देखिये! सबसे पहले तो RSS पर बैन करना चाहिए। ये उससे भी बदतर संगठन है, जो हिंदुत्व का कट्टरपंथ आगे बढ़ाता है। हर बात में हिंदू-मुस्लिम मस्जिदों पर चढ़कर झंडा फहराना। भगवा ध्वज फहराना ये बहुत गंदी बात है। उन्होंने यह बातें नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के क्रम में कही।

जानें! राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का इतिहास
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितम्बर 1925 को डॉ केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए हिन्दू समुदाय को एकजुट करने और हिन्दू अनुशासन के माध्यम से चरित्र प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई।यह संगठन भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखने के आदर्शों को बढ़ावा देता है और हिन्दू समुदाय को मजबूत करने के लिए हिन्दुत्व विचारधारा का प्रचार करता है। इसे शुरू करने की प्रेरणा द्वितीय विश्व युद्ध के समय यूरोपीय राइट विग समूह से मिली। मौजूदा समय में संघ की 56 हजार 569 दैनिक शाखाएं लगती हैं। करीब 13 हजार 847 साप्ताहिक मंडली और 9 हजार मासिक शाखाएं भी हैं। संघ में सर कार्यवाह पद के लिए चुनाव होता है। संचालन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है।