द फॉलोअप,बिहार
बिहार के प्राथमिक स्कूलों में अब B.Ed शिक्षक नहीं पढ़ा पाएंगे। इसे लेकर स्कूली शिक्षा व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। शिक्षा विभाग नई ट्रांसफर नीति लाने जा रही है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के कैडर आधारित पुनर्गठन और व्यापक स्थानांतरण नीति पर काम शुरु कर दिया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत B.Ed डिग्रीधारी शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों यानी कक्षा (1-5) से हटाकर मध्य और माध्यमिक स्कूलों में पदस्थापित किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों में केवल प्राथमिक स्तर के प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

क्या है इसका उद्देश्य?
दरअसल शिक्षा विभाग की नई स्थानांतरण नीति का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों का पुनर्समायोजन करना है। वर्तमान में बड़ी संख्या में B.Ed योग्यताधारी शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे शिक्षकों को उनकी शैक्षणिक योग्यता और विषय विशेषज्ञता के आधार पर मध्य या माध्यमिक विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और विषयवार असंतुलन को खत्म करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। विभाग का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विभिन्न न्यायिक निर्देशों के अनुरूप लिया जा रहा है। इससे शिक्षकों की योग्यता के अनुसार उनकी नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

25 जून तक पूरी होगी प्रक्रिया
इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के स्कूलों को तीन स्तरों में व्यवस्थित किया जाएगा। कक्षा (1-5) तक केवल PRT टीचर पढ़ाएंगे, जबकि कक्षा (6-10) तक TGT टीचर पढ़ाएंगे। वहीं कक्षा 11वीं-12वीं में PGT शिक्षक तैनात होंगे। शिक्षा विभाग का कहना है कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए अलग प्रकार की शिक्षण दक्षता और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, जबकि उच्च कक्षाओं में विषय विशेषज्ञता अधिक महत्वपूर्ण होती है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार 25 जून तक इस पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।