द फॉलोअप, रांची
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब जांच एजेंसी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के विदेश दौरों से संबंधित खर्च और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की भी पड़ताल शुरू कर दी है। जांच का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि इन दौरों पर हुआ खर्च किस मद से किया गया। भुगतान की प्रक्रिया क्या थी और क्या सभी वित्तीय नियमों का पालन किया गया था।

अध्यक्ष बनते ही 3 बार अमेरिका दौरे पर गए थे खियांग्ते
जानकारी के अनुसार अध्यक्ष बनने के बाद खियांग्ते ने तीन बार अमेरिका का दौरा किया था। जांच एजेंसी इन सभी यात्राओं के दौरान हुए खर्च, भुगतान के स्रोत और प्रशासनिक स्वीकृतियों से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है। इसी सिलसिले में संबंधित एजेंसी और विभागों से रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सूत्रों का कहना है कि जांच केवल विदेश यात्राओं तक सीमित नहीं है। आयोग में नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अन्य बिंदुओं की भी समानांतर जांच चल रही है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि आयोग में पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण, पदस्थापन और जिम्मेदारियों में हुए बदलाव निर्धारित नियमों के अनुरूप थे या नहीं।

वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों का रिकॉर्ड खंगाल रही सीआईडी
बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में आई है उनसे जुड़े दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं। आयोग से जुड़े कुछ वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है ताकि पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार तरीके से तस्वीर सामने आ सके। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपियों की रिमांड लेने की तैयारी भी चल रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं जिससे कथित अनियमितताओं के नेटवर्क और निर्णय प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।
बता दें कि अब तक जांच एजेंसी की ओर से विदेश यात्राओं या अन्य आरोपों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की तथ्यात्मक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल JPSC से जुड़े इस पूरे मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में कई नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।