द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा आज 7 फरवरी को अपना 105 वां स्थापना दिवस मना रही है। बताते चलें कि, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला डिजिटल हाउस का उद्घाटन करने वाले हैं। इस मौके पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी आज पटना पहुंचेंगे। विधानसभा में आयोजित इस कार्यक्रम में सभा पति अवधेश नारायण सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि, बिहार विधानसभा का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। जिसका विषय है- लोकतंत्र में विधायकों की भूमिका पर सशक्त विधायक सशक्त लोकतंत्र का होना।
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आगे विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, कि नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया जाना है, जो विधायकों को डिजिटल विधायी कार्यों में सक्षम बनाएगा। बताते चलें कि, स्थापना दिवस पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम सुबह साढ़े 10 बजे शुरू होना तय है। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला हिस्सा लेंगे और नेवा (NEVA) द्वारा संचालित डिजिटल हाउस का उद्घाटन करेंगे। बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस के मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश के सभी लोगों को बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आगे उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं, जन आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और जनसेवा के संकल्प का यह गौरवशाली मंच सदैव प्रदेश के विकास व सुशासन की दिशा में मार्गदर्शन करता रहे।

बताते चलें कि, वर्ष 1911 में लार्ड पंचम के दिल्ली दरबार में पटना को बिहार की राजधानी बनाने की घोषणा की गई थी। लॉर्ड हार्डिंग द्वारा पटना को बसाया गया और यूरोपीय वास्तुकला के तहत कई ऐसी इमारतें भी बनवाई गईं, जो आज हमारी बेशकीमती धरोहर है। इसी बेशकीमती धरोहर में एक बिहार विधानसभा भी शामिल है। बिहार विधानसभा को आज लोकतांत्रिक मूल्य और महत्वपूर्ण फैसले के लिए जाना जाता है। वहीं, वर्ष 1920 में बिहार विधानसभा का निर्माण पूरा हुआ और 7 फरवरी 1921 को भवन में बिहार-ओडिशा प्रांतीय परिषद की पहली बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता सर वाल्टर मोडे ने की थी। वहीं, तत्कालीन गवर्नर लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने संबोधित किया था। तब से हर साल 7 फरवरी को बिहार विधानसभा का स्थापना दिवस मनाया जाता है।