पटना/बिहार
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए चलने वाली निजी बसों की किराया सोमवार 8 जून से 15% बढ़ा दिया गया है। यह फैसला बिहार-बंगाल रोडवेज सर्विस संचालकों की बैठक में के बाद सर्वसम्मति से लिया गया है। बस संचालकों का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों, टोल टैक्स, वाहन रखरखाव और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

लग्जरी बसों का किराया बढ़ा
नई दरों के तहत 2×2 बसों में सीट किराए में 100 रुपये और स्लीपर किराए में 150 रुपये की वृद्धि की गई है। वहीं एसी 2×1 बसों में सीट किराया 150 रुपये और स्लीपर किराया 200 रुपये तक महंगा हो गया है। हाजीपुर-कोलकाता रूट पर सीट किराया 800 रुपये से बढ़कर 900 रुपये और स्लीपर किराया 900 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो गया है। इसी तरह हाजीपुर-टाटा रूट पर सीट किराया 900 रुपये और स्लीपर किराया 1050 रुपये कर दिया गया है।

यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा बोझ
इससे सीधे तौर पर आमलोग प्रभावित होंगे। किराया वृद्धि से उनकी जेब का खर्च बढ़ जाएगा। रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यवसायियों और दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूरों को इसकी मार झेलनी पड़ेगी। यात्रियों का कहना है कि महंगाई के दौर में बस का किराया बढ़ने से उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी। वहीं बस संचालकों का कहना है कि डीजल की बढ़ती लागत और अन्य खर्चों को देखते हुए किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया था। हाजीपुर समेत वैशाली जिले से प्रतिदिन 12 से 16 लग्जरी बसें रांची, टाटा, सिलीगुड़ी, नई दिल्ली, दार्जिलिंग और कोलकाता के लिए संचालित होती हैं, जिनसे रोजाना करीब 300 से 500 यात्री सफर करते हैं। ऐसे में नई दरों का असर बड़ी संख्या में यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है।