पटना
बिहार भर के अंचल अधिकारियों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को खत्म करने का फैसला किया है, जिससे उन प्रशासनिक सेवाओं को राहत मिली है जो मार्च की शुरुआत से प्रभावित थीं। इस फैसले की घोषणा बिहार राजस्व सेवा महासंघ के संयुक्त मोर्चा ने की, जिसने कहा कि अधिकारी 4 मई से अपनी ड्यूटी फिर से शुरू करेंगे। बता दें कि 9 मार्च को शुरू हुई इस हड़ताल ने पूरे राज्य में राजस्व और ज़मीन से जुड़ी अहम सेवाओं को बाधित कर दिया था। एक बयान में, संयुक्त मोर्चा ने कहा कि विरोध प्रदर्शन को स्थगित करने का फैसला आम जनता को हो रही असुविधा को देखते हुए और प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। मोर्चा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर उनको भरोसा है। आशा है कि नई सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठाएगी।

मुख्य मांगें अभी भी बाकी
अधिकारी पहले सौंपे गए 11-सूत्रीय मांगों के चार्टर पर कार्रवाई के लिए ज़ोर दे रहे हैं, जिसमें कैडर को मज़बूत करने और प्रशासनिक नियंत्रण से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। मुख्य मांगों में से एक यह है कि भूमि सुधार के लिए उप-समाहर्ता (Deputy Collector) के पद को पूरी तरह से राजस्व विभाग के अधीन लाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कैडर के भीतर के पद योग्य अधिकारियों द्वारा ही भरे जाएं। हड़ताल स्थगित होने के साथ, उम्मीद है कि सर्किल अधिकारी 4 मई से सभी ज़िलों में अपने-अपने ऑफिस में फिर से काम शुरू कर देंगे, जिससे भूमि और राजस्व प्रशासन में सामान्य कामकाज बहाल हो जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सेवाओं के फिर से शुरू होने से हड़ताल की अवधि के दौरान जमा हुए लंबित कार्यों को निपटाने में मदद मिलेगी।

समाधान की उम्मीद
संयुक्त मोर्चा ने कहा कि उसे उम्मीद है कि सरकार बातचीत और सहयोग के माध्यम से उसकी मांगों पर "सकारात्मक और समय-सीमा के भीतर" कार्रवाई करेगी। इसने आगे कहा कि वह राजस्व सेवाओं के कामकाज को मज़बूत करने और जनसेवा वितरण में सुधार करने के लिए प्रशासन के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ा रहेगा।
