द फॉलोअप डेस्क
बिहार के रजिस्ट्री ऑफिस में जाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने की जरूरत अब बुजुर्गों को नहीं पड़ेगी। अब घर बैठे ऑनलाइन कर सकते है। पहले बुजुर्गों को मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ एप्लीकेशन देना पड़ता था. इस दौरान मैनुअल अंगूठा से लेकर गवाहों के साइन तक की जिम्मेदारी निबंधन अधिकारी की होती थी. कई बार रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर बुजुर्गों को लगाना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी. लेकिन अब 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर फीस व उम्र दर्ज करके रजिस्ट्री विकल्प चुनेंगे, जिसके बाद डेट-टाइम स्वतः तय होगा और निर्धारित समय पर रजिस्ट्री टीम घर पहुंचकर प्रक्रिया पूरी करेगी।
इस पहल से बुजुर्गों को रजिस्ट्री ऑफिस जाने से छुटकारा मिलेगा, जमीन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पारदर्शी व डिजिटल बनेगी, धोखाधड़ी पर रोक लगेगी, समय की बचत होगी, दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और ऑनलाइन आवेदन से पूरी प्रक्रिया आसान होगी। बिहार सरकार की यह खास पहल सात निश्चय पार्ट-3 के तहत डिजिटल ईज ऑफ लिविंग अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जमीन रजिस्ट्री जैसी जटिल प्रक्रिया को सरल बनाकर आम नागरिकों का समय, पैसा और श्रम बचाना है; साथ ही राज्य में 60 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 48 लाख बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए यह कदम लाखों परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगा।