द फॉलोअप,बिहार
बिहार को औद्योगिक विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक की। बैठक लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करना है। इस बैठक में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसकी जानकारी देते हुए सीएम ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा की हैं।
लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आयोजित उद्योग विभाग की समीक्षात्मक बैठक में बिहार को औद्योगिक विकास एवं निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर चर्चा की।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 3, 2026
हमारा लक्ष्य है कि उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बिहार नई ऊँचाइयों को प्राप्त… pic.twitter.com/32swKzVYcL
बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना
मुख्यमंत्री ने सभी आला अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक और भरोसेमंद गंतव्य बनाया जाए। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए तेज़ी से काम करने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और MSME सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन देने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस दौरान उन्होंने ग्राम स्तर पर उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी योजनाएं लागू करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लैंड बैंक के विस्तार और नई औद्योगिक इकाइयों को समय पर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

PPP मॉडल के तहत फूड पार्क किए जाएंगे विकसित
बैठक में PPP मॉडल के तहत फूड पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में ठोस पहल करने का निर्देश भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने हेतु स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाया जाए। साथ ही उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर निवेशकों का विश्वास बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से बिहार में निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।