द फॉलोअप डेस्क
बिहार के पांच जिलों, भागलपुर, समस्तीपुर, सीवान, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। यह धमकी आधिकारिक ई-मेल के जरिए दी गई है, जिसमें न केवल ब्लास्ट करने का समय और तरीका बताया गया है, बल्कि इसके पीछे की वजह का भी जिक्र किया गया है। इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और सभी संबंधित अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।.jpeg)
जांच में यह बात सामने आई है कि यह धमकी भरा ई-मेल तमिलनाडु से भेजा गया है। भागलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह को मिले इस मेल के बाद उन्होंने तुरंत पटना हाईकोर्ट और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सूचित किया। वर्तमान में सभी पांचों जिलों के कोर्ट परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की बारीकी से जांच की जा रही है।
राजधानी पटना के सिविल कोर्ट में भी एक बड़ी साजिश नाकाम हुई, जहां चेकिंग के दौरान पुलिस ने पिस्टल के साथ एक युवक को धर दबोचा। एएसआई प्रमोद कुमार के अनुसार, दो युवक हथियार के साथ कोर्ट परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिनमें से एक को पकड़ लिया गया है जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। पुलिस पकड़े गए युवक से गहन पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।.jpg)
धमकी मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसरों को खाली कराना शुरू कर दिया। बेगूसराय में वकीलों को जानकारी दी गई कि ई-मेल के अनुसार दोपहर 1:45 बजे बम धमाका होना है, जिसके बाद पूरे कैंपस को सील कर दिया गया। समस्तीपुर में भी एसपी संजय पांडे के नेतृत्व में डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने हर कमरे की तलाशी ली। सीवान में भी माइकिंग के जरिए वकीलों और कर्मचारियों को अपनी सीटों की जांच करने और परिसर से बाहर निकलने के निर्देश दिए गए।.jpeg)
गौरतलब है कि बिहार के न्यायालयों को दहलाने की यह पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले भी 8 जनवरी को पटना, किशनगंज, गया और मधुबनी के सिविल कोर्ट्स को RDX से उड़ाने की धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई थी। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने न्यायिक परिसरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके मद्देनजर पुलिस मुख्यालय अब इस ई-मेल के मूल स्रोत का पता लगाने में तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रहा है।