द फॉलोअप डेस्क
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार से अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकल गए हैं। यात्रा के पहले ही दिन मुख्यमंत्री सुपौल जिले के निर्मली पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 569 करोड़ रुपये की 213 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। दरअसल, नीतीश कुमार ने 2005 में न्याय यात्रा से अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी। तब सत्ता पलट हुआ और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, नीतीश कुमार ने दो दसकों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। सरकारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री लगभग 434.46 करोड़ रुपये की 84 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जबकि 134.89 करोड़ रुपये की 129 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सुबह 10:45 बजे निर्मली अनुमंडल कार्यालय के पास बने नए हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद वे निर्मली रिंग बांध (सिपाही चौक) पहुंचे, जहां उन्होंने बांध के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री अनुमंडल कार्यालय परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और योजनाओं के लाभुकों से बातचीत कर फीडबैक लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठक भी की और दोपहर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।

इसके बाद 11:05 बजे वहां से निकलकर अनुमंडल कार्यालय परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण करेंगे। सुबह 11:10 बजे मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण करेंगे और लाभुकों से संवाद भी करेंगे। इसके बाद 11:40 बजे वे अनुमंडल कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। दोपहर 12:20 बजे मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचकर जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 1:10 बजे वे हेलीपैड के लिए प्रस्थान करेंगे और 1:22 बजे मधेपुरा के लिए रवाना होंगे। ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री जीविका समूह की महिलाओं से भी संवाद करेंगे। इस दौरान वे शराबबंदी के बाद शुरू की गई आजीविका योजनाओं, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेंगे।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। कारकेड के लिए 13 स्तर की वाहन व्यवस्था की गई है, जिसमें रेगुलेशन मोबाइल, एडवांस पायलट, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के वाहन, एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन शामिल हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र कार्यक्रम स्थल के पांच किलोमीटर के दायरे को नो-ड्रोन फ्लाई जोन घोषित किया गया है और कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री की यह यात्रा क्षेत्र में विकास कार्यों की समीक्षा और योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने का महत्वपूर्ण अवसर है।