द फॉलोअप डेस्क
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक गलियारों में उठ रहे सवालों के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट किया है कि इस बार SIR की प्रक्रिया विपक्ष की मांगों और आरोपों के चलते शुरू की गई है।
उन्होंने कहा, “हर चुनाव के बाद विपक्ष खुद शिकायत करता था कि मतदाता सूची में गड़बड़ी है, धोखाधड़ी हुई है। जब वे खुद यह कह रहे हैं कि सूची में खामियाँ हैं, तो उन खामियों को सुधारने के लिए SIR जरूरी था।”.jpg)
पासवान ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया से एनडीए को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “इससे केवल वे देशविरोधी ताकतें नुकसान में आएँगी जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। SIR का उद्देश्य केवल यह है कि जो लोग इस देश के निवासी नहीं हैं या अवैध रूप से रह रहे प्रवासी हैं, उन्हें मतदान प्रक्रिया से बाहर किया जाए।”
उन्होंने यह भी बताया कि वोट देने का अधिकार देश के नागरिकों के लिए सबसे बड़ा अधिकार है, और कोई भी इसका अनुचित लाभ न उठा सके, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पासवान ने यह भी स्पष्ट किया कि आज़ादी के बाद से अब तक चार बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है और इस बार भी यह उसी पुराने ढर्रे पर चल रही है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, “ये लोग हर मुद्दे पर जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, चाहे वह SIR हो या कोई और विषय।” चिराग पासवान के इस बयान को विपक्ष की आलोचनाओं का सीधा जवाब माना जा रहा है, जो SIR को लेकर चुनाव आयोग और सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।