द फॉलोअप डेस्क:
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आवास और सुरक्षा के मुद्दे पर फिर से लालू परिवार पर तल्ख टिप्पणी की है। पटना के एसके मेमोरियल हॉल में आयोजित अति पिछड़ा सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट ने कहा कि लालू यादव ने मुख्यमंत्री रहते लोकतंत्र को परिवार तक ही सीमित रखा। अब आवास और सुरक्षा को लेकर राजनीतिक खेल, खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी लालू परिवार के सदस्यों की सुरक्षा में बिहार पुलिस के 150 जवान तैनात हैं, लेकिन आरोप लगता है कि सरकार ने सुरक्षा वापस ले ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि लालू परिवार क्या चाहता है कि, पूरी बिहार पुलिस फोर्स को उनकी सुरक्षा में लगा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को बुलेट प्रूफ कार दिया गया है, उन्हें और क्या चाहिए?
#WATCH | Patna, Bihar: On attending the EBC (Ati Pichhda Samman Sammelan) programme held on the occasion of 12 years of the Modi government at S K Memorial Hall, Bihar CM Samrat Choudhary says, “Be it the Congress Party, the Rashtriya Janata Dal, or the Leftists—they kept talking… pic.twitter.com/qjhDLOHxdj
— ANI (@ANI) June 22, 2026
आवास को लेकर लालू परिवार पर किया तंज
मुख्यमंत्री ने आवास को लेकर भी लालू परिवार पर तंज किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता और बेटे को अलग-अलग आवास चाहिए, ऐसा क्यों? उन्होंने दावा किया कि लालू परिवार का कौटिल्य नगर, महुआ बाग, राजा बाजार, गोपालगंज और दिल्ली में अलग-अलग मकान है। उन्होंने लालू परिवार पर अति-पिछड़ों की जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मैं 1990 से लेकर 2026 तक जमीन पर हुए कब्जे का हिसाब करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं अति-पिछड़ों को सुरक्षा की पूरी गारंटी देता हूं।

लालू परिवार की सुरक्षा पर भी की टिप्पणी
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पार्टी ने जो काम सौंपा है, उसे आगे बढ़ाऊंगा। नाम लिए बिना आरजेडी प्रमुख को खलनायक कहते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि उन्हें डर लगता है तो इसका मतलब है कि बिहार में सुशासन का राज है। उन्होंने कहा कि बिहार में अतीत में लोगों को इस खास राजनीतिक परिवार से डर लगता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने लालू परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई है।

सरकार और लालू परिवार के बीच गतिरोध
गौरतलब है कि बिहार की नई एनडीए सरकार और लालू परिवार के बीच आवास और सुरक्षा पर लंबा गतिरोध रहा है। सरकार ने राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस दिया था। वहीं, उनकी और तेजप्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती की गई थी। दरअसल, लालू यादव और राबड़ी देवी को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, वहीं तेजप्रताप यादव को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। सरकार ने इसमें कटौती की थी। सिंगापुर से लौटते समय दिल्ली एयरपोर्ट पर लालू यादव ने इसे घृणा की राजनीति बताया था। इसे पागलपन करार दिया था। वहीं बाद में उन्होंने कहा कि यह सबकुछ नीतीश कुमार करवा रहे हैं।