Pandvani singer Teejan Bai Death:
महान लोकगायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी कलाकार तीजन बाई के निधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर लिखा प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने अपनी अद्वितीय कला, सशक्त स्वर और समर्पण से भारतीय लोक संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। सीएम ने आगे लिखा कि तीजन बाई का अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। इसके बाद उन्होंने ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस मुश्किल घड़ी में संबल प्रदान करें।
प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने अपनी अद्वितीय कला, सशक्त स्वर और समर्पण से भारतीय लोक संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 5, 2026
ईश्वर से प्रार्थना है…
लंबे समय से अस्वस्थ थीं
तीजन बाई ने रविवार तड़के 3:15 बजे रायपुर के AIIMS में इलाज के दौरान अपनी अंतिम सांस ली। वो 70 वर्ष की थीं। लंबे समय से अस्वस्थ थीं। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की रहने वाली तीजन बाई ने पारंपरिक लोककला पंडवानी को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को गायन, अभिनय और संगीत के माध्यम से जीवंत करने वाली उनकी प्रस्तुति ने लाखों दर्शकों को भारतीय लोक परंपरा से जोड़ने का काम किया है। अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली मंच प्रस्तुति और भावपूर्ण अभिनय के दम पर उन्होंने पंडवानी को गांवों के सीमित मंचों से निकालकर देश-दुनिया के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों तक पहुंचाया।

देश के कई सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया
भारतीय लोककला में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें देश के कई सर्वोच्च सम्मानों से भी नवाजा गया। भारत सरकार ने तीजन बाई को पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया है। तीजन बाई का निधन भारतीय लोककला जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।