भागलपुर/बिहार
भागलपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 31 साल पहले मर चुकी महिला पर FIR किया गया। घटना सबौर थाना क्षेत्र के वार्ड नं-8 का है। एक नाबालिग लड़की के शादी कराने की मंशा से अपहरण करने का आरोप है। मृतिका की पहचान मंजू देवी के रुप में हुई है।
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1995 में ही हो चुकी थी मृत्यु
जानकारी के मुताबिक, एक नाबालिग बच्ची की शादी कराने की मंशा से अगवा किया गया था। जिसके बाद लड़की के पिता संदेह के आधार पर पड़ोसी निशु दास और उनके पिता बद्री दास से इसकी शिकायत करने उनके घर पहुंचे। लेकिन वहां निशु दास ने ये बात मानने से इनकार कर दी। उसके बाद लड़की के पिता ने 23 फरवरी 2026 सबौर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई और निशु दास के साथ उनके पूरे परिवार के सदस्यों पर गाली-गलौज करने और दुबारा घर आने पर हत्या करने का आरोप लगाया। लेकिन अब मामले में ट्वीस्ट आ गया है। हरिजन टोला निवासी बद्री दास की पत्नी मंजू देवी, जिनकी मृत्यु वर्ष 1995 में ही हो चुकी है। उसके खिलाफ भी FIR करवाई गई है।

लोगों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
पुलिस ने जब छानबीन शुरु की तो पता चला कि मंजू देवी जिसकी मृत्यु लगभग 3 दशक पहले ही हो गई है, उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इसकी सूचना मिलते ही गांव में इलाके में चर्चा का विषय बन गया। लोग इस घटना को पुलिस-प्रशासन की बड़ी लापरवाही बता रहे हैं। शुक्रवार को बद्री दास और उनके बेटे ने जमानत प्रक्रिया शुरू करते हुए अधिवक्ता अमित कुमार से संपर्क किया। स्थानीय लोगों में तरह-तरह की बातें बननी शुरु हो गई है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी मृत व्यक्ति को जिंदा लोगों को धमकाने के आरोप में आरोपी बनाया गया हो। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पुलिस की इस बड़ी लापरवाही को सुधारने की मांग की है।