द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुश्किलें अब बढ़ती दिख रही हैं। बेतिया सांसद संजय जायसवाल ने उनके खिलाफ कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया है। जिसके बाद यह मामला पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया में पहुँच चुका है। यानि अब प्रशांत किशोर को इस मामले में कोर्ट को जवाब देना होगा।
इस मामले में शिकायत करने के बाद बेतिया व्यवहार न्यायालय के सीजीएम कोर्ट ने इस शिकायत को दर्ज कर लिया है। और अब भारतीय दंड संहिता की धारा 356 के तहत जांच शुरू कर दी गई है। जिसके बाद प्रशांत किशोर को अब बिहार की अन्य पार्टियों के अलावे अब एक और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। 
डॉ संजय जायसवाल के अधिवक्ता चंद्रिका कुशवाहा के बताये अनुसार प्रशांत किशोर ने बिना किसी प्रमाण के चार बार के सांसद की छवि को ख़राब करने की कोशिश की है। उन्होंने आगे बताया कि प्रशांत किशोर के द्वारा यह कदम एक साजिश के तहत उठाया गया है, जो पूरी तरह से झूठे तथ्यों से जुड़ा है। उन्होंने कहा "प्रशांत किशोर ने पेट्रोल पंप से जुड़ी जानकारी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और झूठा प्रचार किया है। उनका दावा है कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया ताकि डॉ जायसवाल की साख को नुकसान पहुंचे।" .jpeg)
बता दें कि सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर और संजय जायसवाल के बीच लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कभी फेसबुक तो कभी एक्स पर दोनों एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने में जुटे हुए हैं। और अब यह सोशल मीडिया विवाद कोर्ट तक पहुँच चुका है।
दरअसल प्रशांत किशोर ने संजय जायसवाल पर पेट्रोल पंप से जुड़ी जानकारी को लेकर आरोप लगाए थे। प्रशांत किशोर ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया था कि जायसवाल ने पेट्रोल पंप से जुड़ी जानकारी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और इस बारे में झूठा प्रचार किया। जिसके बाद डॉ जायसवाल ने कोर्ट में मानहानि का मामला दर्ज कराया और अब यह कानूनी प्रक्रिया में आ चुका है यानि अब प्रशांत किशोर को इस मामले में कोर्ट को जवाब देना होगा।

वहीं बीते दिन मंत्री अशोक चौधरी ने भी प्रशांत किशोर को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा था। जिसमें मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर पर गलत बयानबाजी के जरिये उनकी छवि ख़राब करने का आरोप लगाया था। इसमें मंत्री ने कहा था कि प्रशांत किशोर उनसे क्षमा मांगे नहीं तो वह मामले को कोर्ट लेकर जायेंगे।