द फॉलोअप डेस्क
तमिलनाडु में बिहारियों पर हमले के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार मशहूर यूट्यूब और सच तक न्यूज़ के संचालक मनीष कश्यप पर शिकंजा कस लिया है। इस मामले में EOU ने मनीष कश्यप के गिरफ्तारी को लेकर वारंट जारी कर दिया है। इसे लेकर EOU ने देशव्यापी छापेमारी शुरू कर दी है। इसे लेकर एक विशेष टीम का गठन भी किया गया है। बता दें कि मनीष कश्यप के खिलाफ 153/153 (A)/153 (B)/ 505 (1)(B)/ 505 (1) (C)/468/471/120 (B) के तहत मुकादमा दर्ज किया है। इसके साथ ही EOU ने बड़ी कार्यवाई करते हुए उसकी सारे अकांउट को फ्रीज कर दिया है।

बैंक खाते में मिले 42,11,937 रुपए
EOU ने फरार मनीष कश्यप की कुंडली को खंगालना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मनीष कश्यप और उसके फाउंडेशन से जुड़े कुल 4 बैंक अकाउंट के डिटेल्स जांच कर रही टीम के हाथ लगे। जिसकी जांच की गई। मनीष कश्यप के नाम वाले SBI के एक अकाउंट में 3,37,496 रुपए, IDFC बैंक के एक अकाउंट में 51,069 रुपए, HDFC बैंक के एक अकाउंट में 3,37,463 रुपए मिले। जबकि, मनीष कश्यप के SACHTAK Foundation के नाम से HDFC BANK के एक अकाउंट में 34,85,909 रुपए उपलब्ध हैं। सभी अकाउंट में जमा रुपयों को मिलाकर कुल 42,11,937 रुपए मिले। EOU ने शिकंजा कसते हुए इन सभी बैंक अकाउंट में उपलब्ध रुपयों को फ्रीज करा दिया है। अपनी जांच में EOU ने पाया है कि फाउंडेशन के जरिए मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी ने आर्थिक तौर पर गड़बड़ी की है। वित्तीय अनियमितता के साक्ष्य मिले हैं। इस मामले में अब गहन जांच की जा रही है।

मनीष कश्यप के गिरफ्तारी की गलत अफवाह फैलाई गई
EOU ने बयान जारी कर कहा कि मनीष कश्यप द्वारा अपनी गिरफ्तारी का हथकड़ी लगा सहित गलत फोटो टि्वटर हैंडल पर डालकर गलत अफवाह फैलाई गई है। साथ ही भ्रामक संदेश फैला कर लोगों को दिग्भ्रमित भी कर रहा है। इस आरोप में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में प्राथमिकी अभियुक्त बक्सर के प्रशांत कुमार और पटना के शशिकांत शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। EOU के सूत्रों ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु लगातार छापेमारी की जा रही है।
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