द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के पांच प्रवासी मजदूरों को अफ्रीकी देश नाइजर में उग्रवादियों ने बीते अप्रैल माह में अगवा कर लिया था। घटना को चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक मजदूरों की सकुशल रिहाई नहीं हो पाई है। इसी को लेकर मंगलवार को परिजन उपायुक्त द्वारा लगाए गए जनता दरबार पहुंचे और मजदूरों की वतन वापसी की गुहार लगाई।.jpg)
जानकारी के मुताबिक, अगवा किए गए मजदूरों में एक असिस्टेंट सुपरवाइजर और चार टेक्निशियन शामिल हैं। इनमें संजय महतो (39) असिस्टेंट सुपरवाइजर, चंद्रिका महतो (35), फलजीत महतो (32), राजू कुमार (27) और उत्तम महतो (32) टेक्निकल स्टाफ हैं। ये सभी ट्रांसमिशन लाइन में काम करने के दौरान अज्ञात बंदूकधारी उग्रवादियों द्वारा किडनैप कर लिए गए थे।.jpeg)
परिजनों का कहना है कि मजदूर असुरक्षित हालात में फंसे हुए हैं और घर लौटना चाहते हैं। परिवारजन लगातार राज्य और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई है—परिवारों को खाने-पीने की दिक्कत हो रही है, बच्चों की स्कूल फीस तक नहीं चुकाई जा रही और बीमार परिजनों का इलाज तक प्रभावित हो रहा है।
जनता दरबार में परिजन गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव से मिले। उपायुक्त ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और भरोसा दिलाया कि मामले की पूरी जानकारी उच्च अधिकारियों एवं विदेश मंत्रालय को भेजी जाएगी, ताकि मजदूरों की जल्द से जल्द सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो सके।