द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा बजट सत्र का दूसरा दिन है। और आज नीतीश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सुबह 11 बजे सदन के पटल पर इसे रखेंगे। एनडीए की नई सरकार का यह पहला पूर्ण बजट है, जिसे लेकर राज्य की जनता और खासकर युवाओं में भारी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि इस बजट का आकार पिछले साल के 3.17 लाख करोड़ के मुकाबले इस बार साढ़े तीन लाख करोड़ (3.50 लाख करोड़) रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर सकता है।
इस बजट का मुख्य आकर्षण 1 करोड़ नौकरी और रोजगार के उस संकल्प की झलक होगी, जिसका वादा चुनाव के दौरान किया गया था। सरकार युवाओं के लिए कौशल विकास, नए पदों के सृजन और स्वरोजगार के लिए विशेष बजटीय प्रावधान कर सकती है। इसके साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर यानि बुनियादी ढांचे के विकास, महिला सहायता और किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए नई योजनाओं का ऐलान होने की संभावना है। सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी बड़े आवंटन की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले दो दशकों में बिहार के बजट के आकार में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2005-06 में जहां बजट महज 26 हजार करोड़ का था, वहीं अब यह विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आज का दिन बिहार के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें यह स्पष्ट होगा कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने और पेंशन जैसे भारी खर्चों के बीच संतुलन कैसे बनाती है। पूरे राज्य की नजरें अब वित्त मंत्री के भाषण और सरकार की नई प्राथमिकताओं पर टिकी हैं।