द फॉलोअप डेस्क
बिहार के नालंदा जिले में एक बड़ी दिल दहला देने वाली घटना हो गई। जहां जिले के पावापुरी में कर्ज से परेशान परिवार ने आत्महत्या कर ली। दरअसल कर्ज से परेशान और साहूकारों की प्रताड़ना से तंग आकर कपड़ा दुकानदार धर्मेन्द्र कुमार ने अपनी पत्नी और तिन बच्चों को सल्फास की गोली खिला दी और खुद भी जहर खा लिया। जिससे धर्मेन्द्र की 38 वर्षीय पत्नी सोनी कुमारी, 12 वर्षीय पुत्री दीपा कुमारी, 13 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार और 14 वर्षीय पुत्री अरिमा कुमारी की भगवन महावीर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं धर्मेन्द्र की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं धर्मेन्द्र के छोटे बेटे ने जहर खाने से इंकार कर दिया जिससे वह बच गया। 
पुलिस की जांच में पता चला कि शेखपुरा के पुरनकामा सिक्करपुर गांव के रहने वाले धर्मेन्द्र छह महीनों से पावापुरी के जलमंदिर के पास किराये के मकान में रहते थे। जहां श्री काली मां साड़ी सेंटर नाम से दुकान चलाते थे। लेकिन कपड़े के इस व्यवसाय में नुकसान के कारण उन पर साहूकारों का करीब 5 लाख का कर्ज बन चुका था। जिससे उन्हें साहूकारों के द्वारा गाली सुननी पड़ती थी। जिसके बाद इस प्रताड़ना से पीड़ित होकर धर्मेन्द्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया। वहीं छोटे बेटे सत्यम ने बताया कि शिकरपुर गांव के एक युवक रामू सहित कई लोगों के द्वारा ब्याज न दे पाने कारण माता-पिता को लगातार अपमानित किया जाता था। 
बता दें कि ये घटना बीते कल शाम को तब हुई जब गांव में काली मंदिर की स्थापना दिवस की पूजा की जा रही थी। उसी दौरान धर्मेन्द्र ने अपने परिवार एक साथ सल्फास की गोली खाकर जीवन समाप्त करने की सोची। वहीं पत्नी सोनी कुमारी ने मरने से पहले बादशाह कोचिंग सेंटर के संचालक मधुरंजन को फोन कर अपने छोटे बेटे सत्यम की देखभाल करने की बात कही। 
घटना की सुचना मिलते ही राजगीर DSP सुनील कुमार सिंह,इंस्पेक्टर मनीष भारद्वाज और अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गहन जांच में जुट गए। DSP ने बताया कि साहूकारों की प्रताड़ना ही इस हादसे का कारण हो सकता है लेकिन अन्य बिन्दुओं पर भी जांच की जा रही है। सत्यम के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है। और कार्रवाई शुरू कर दी गई है।