द फॉलोअप डेस्क
बिहार में जहां विकास को गति मिलनी चाहिए वहां अंधविश्वास को गति मिल रही है। इसी बीच अंधविश्वास का एक बेहद ही शर्मनाक मामला शेखपुरा से आया है जहां एक मृत बच्चे को जीवित करने के लिए सदर प्रखंड के मुबारकपुर गांव में तमाशा किया गया। बच्चे की मां ने अपनी चचेरी सास पर डायन का आरोप लगाकर पुत्र की मौत के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया। उसके बाद मृत बच्चे को जीवित करने के लिए सास की गोद में रख पुरा गांव घुमाया। यह ड्रामा करीब 3 घंटे तक चला। जब बच्चा जीवित नहीं हुआ तो परिजनों ने थक हारकर शव को दफ़न करने ले गए। 
घटना की सुचना काफी देर बाद जब पुलिस को मिली तो मेहुंस के थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि इस मामले में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं इस घटना का एक विडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जो दिखाता है कि विज्ञान की इस प्रगति के दौर में भी बिहार को अंधविश्वास ने कैसे जकड़ रखा है। विडियो के वायरल होने के बाद इस मामले की चर्चा जम कर की जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि गांव की एक महिला वीणा देवी के 2 साल के पुत्र की अचानक से गली में खेलते खेलते मौत हो गई। 
ग्रामीणों ने आगे बताया कि घटना के बाद महिला अपनी चचेरी सास को डायन बताकर पुत्र को मारने का आरोप लगाने लगी और उसके बाद उसकी गोद में बच्चे को रख गांव में घुमाने लगी और मंत्रो का जाप भी किया ताकि बच्चा जीवित हो जाए। लेकिन कुछ घंटों के प्रयास के बाद जब बच्चा जीवित नही हुआ तो उन्होंने शव को दफ़न कर दिया।