पटना/बिहार
पटना उच्च न्यायालय को नई मुख्य न्यायाधीश मिल गई हैं। न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने राजधानी पटना स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन और विधि जगत से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद पटना हाईकोर्ट परिसर में उनके सम्मान में स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया। मीनाक्षी मदन राय को न्यायमूर्ति के रुप में शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
बिहार लोक भवन में पटना उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश के पद-शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। pic.twitter.com/U4wm8nZf05
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 5, 2026
न्यायिक सेवा में लंबा और समृद्ध अनुभव
न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को सिक्किम में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक और कैंपस लॉ सेंटर से विधि की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1990 में उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में वकालत शुरू की। बाद में सिक्किम न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं।

सीमित कार्यकाल, लेकिन बड़ी उम्मीदें
मीनाक्षी मदन राय पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 मई को उनके नाम की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दी। हालांकि उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहेगा, क्योंकि वह 12 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाली हैं। इसके बावजूद उनके व्यापक न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए न्यायपालिका और विधि जगत को उनके नेतृत्व से कई महत्वपूर्ण पहल और सुधारों की उम्मीद है।