द फॉलोअप डेस्क
तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हमले का फेक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने के आरोप पर यूट्यूबर मनीष कश्यप से आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान मनीष ने बड़ा खुलासा किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मनीष कश्यप ने कहा है कि उनकी मदद कोई बड़े नेता कर रहे थे। मनीष कश्यप ने कहा है कि पर्दे के पीछे रहकर एक बड़े राजनेता उसकी मदद कर रहे थे। काफी दिनों से दोनों एक-दूसरे के कॉन्टैक्ट में थे। मनीष ने उस राजनेता का नाम भी EOU को बता दिया है। वहीं फर्जी वीडियो बनाने के लिए कुछ और लोगों ने भी उनकी मदद की थी।

मनीष के ठिकानों पर रेड
वहीं ताजा जानकारी के अनुसार मनीष कश्यप के कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान की EOU की टीम को मनीष कश्यप से कई जानकारी मिली। जिसके बाद टीम ने मनीष कश्यप के सचतक के ऑफिस में छापेमारी की। बता दें कि पटना के दादी जी लेने स्थित एक बिल्डिंग में सचतक का ऑफिस है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी में टीम के हाथ कई तरह के डिजिटल एविडेंस लगे हैं। इसके साथ ही और भी कई वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर शेयर किए जाने के सबूत भी टीम के हाथ लगे हैं। फिलहाल यह वीडियो किस तरह के हैं उसके बारे में कुछ भी बताया नहीं गया है।

पुलिस ने बनाया दबाव
बता दें कि तमिलनाडु मामले में EOU की टीमे ने मनीष कश्यप खिलाफ कुल 3 एफआईआऱ किए हैं। वहीं गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम बनाई गई थी। टीम लगातार कई जगहों पर छापेमारी कर रही थी। आरोपी के हाथ न आने पर पुलिस ने जबरदस्त तरीके पर दबाव बनाया। जिसके बाद वह सरेंडर करने पर मजबूर हो गया। बता दें कि शनिवार की सुबह में बेतिया पुलिस ने मझौलिया थाना में दर्ज FIR नंबर 193/2021 के तहत कुर्की की कार्रवाई की। इस कार्रवाई का ऐसा असर हुआ कि कई दिनों से फरार मनीष कश्यप ने शनिवार को ही बेतिया में सरेंडर कर दिया।
हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT