द फॉलोअप,बिहार
NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। खुलासे में एक MBBS छात्र का मास्टरमाइंड होने की बात सामने आई है। बिहार के नालंदा जिले से पुलिस ने परीक्षा से पहले बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह इस परीक्षा को पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 50 से 60 लाख रुपये तक का डील करता था।

MBBS का छात्र निकला मास्टरमाइंड
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड विम्स मेडिकल कॉलेज का एक MBBS का छात्र है, जिसका नाम अवधेश कुमार बताया जा रहा है। बता दें कि 3 मई की रात पावापुरी थाना पुलिस वाहन जांच कर रही थी। इस दौरान दो लग्जरी गाडियां जिसमें स्कॉर्पियो- N और ब्रेजा को रोका गया। इसके साथ कई संदिग्ध दस्तावेज और ID कार्ड भी मिले। पुलिस ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी अवधेश कुमार के मोबाइल से परीक्षा-पत्र से संबंधित कई अहम चैट, कॉन्टैक्ट और लेन-देन की जानकारी मिली है। इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरपुर, जमुई और औरंगाबाद समेत कई जिलों में भी छापेमारी की।

50-60 लाख में होती थी डील
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह असली कैंडिडेट को परीक्षा हॉल में भेजता था, वहीं सॉल्वर को बाहर कहीं गुप्त स्थान पर बैठाकर पेपर को हल करवाता था। गिरोह इसके लिए पहले 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस लेते थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये तक में तय होती थी। जानकारी के मुताबिक, गिरोह में उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह की अहम भूमिका बताई जा रही है। आरोपियों में सीतामढ़ी के डॉक्टर नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज भी इस गिरोह में शामिल था। इसके अलावा मुजफ्फरपुर निवासी मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस गहन जांच कर रही है। आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है।