द फॉलोअप डेस्क
बिहार की राजनीति में उस वक्त बड़ा हंगामा मच गया जब एक मंत्री एक पत्रकार पर हाथ छोड़ देते है। दरअसल बीते रविवार 14 सितंबर को बिहार में नीतीश सरकार के नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा दरभंगा पहुंचे थे। जहां सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के रामपट्टी गांव में एक परिवार में हुई मौत पर संवेदना व्यक्त करने आये थे। इसी दौरान स्थानीय यूट्यूबर दिलीप कुमार सहनी उर्फ दिवाकर ने गांव की समस्या को लेकर विधायक जीवेश मिश्र से सवाल पूछ दिया। सवाल पूछने पर मंत्री जीवेश मिश्रा ने कोई जवाब नहीं दिया। पहले तो वे चुप रहे। इसके बाद वे पत्रकार दिवाकर पर भड़क गए। और अपने सहयोगियों की मदद से पत्रकार की पिटाई कर दी।.jpeg)
एक वीडियो सामने आया है जिसमें यूट्यूबर के साथ गाली-गलौज और मारपीट का मामला दिखाई दे रहा है। वहीं पत्रकार ने विधायक जीवेश मिश्रा पर आरोप लगाया है कि गांव की समस्या को लेकर वे मंत्री से सवाल कर रहे थे लेकिन सवाल पूछने पर मंत्री भड़क गए और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पिटाई कर दी। पत्रकार का कहना है कि इस दौरान मारपीट कर उन्हें पूरी तरह से जख्मी कर दिया गया और कपडे तक फाड़ दिए गए। इस वीडियो में पत्रकार के चेहरे पर खून भी दिखाई दे रहा है, वहीं उसके कपड़े फटे हुए हैं। पत्रकार ने आगे आरोप लगाया कि मंत्री जिवेश मिश्रा जबरन अपनी कार में खींचने लगे और माइक, मोबाइल को तोड़ने को तोड़ने की कोशिश करने लगे। इस घटनाक्रम को देखकर सहनी टोला के ग्रामीण आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे। और मंत्री वापस जाओ के नारेबाजी के साथ लोग उग्र हो गए और धक्का-मुक्की करने लगे।.jpg)
हालांकि मंत्री जीवेश मिश्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्री जीवेश मिश्रा का कहना है कि पिटाई का आरोप पूरी तरह झूठ है। और इस घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। SDPO से रिपोर्ट लेने के बाद ही वे इस मामले पर कुछ कह पाएंगे।
लेकिन अब इस मामले के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई बड़े नेताओं ने आपत्ति जताई है। राजद नेता तेजस्वी यादव पीड़ित युवक के साथ थाने भी गए और इस मामले पर शिकायत दर्ज कराई है। तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर कहा कि हम लोगों ने FIR कराया है, लेकिन आप सोच सकते हैं अराजकता इस कदर से फैली हुई है कि विरोधी दल को जाकर एफआईआर कराना पड़ता है, राज्य में यह हालात बन गए हैं।
उन्होंने कहा, “यह साफ हो गया है कि बिहार में पूरी तरह अराजकता है। तेजस्वी ने सवालिया अंदाज में कहां कि ऐसा माहौल 2005 से पहले देखने को मिलता था? आज वही जंगलराज फिर लौट आया है?” तेजस्वी यादव ने कहा, “क्या बिहार में कानून का राज खत्म हो गया है? गरीब को शराब के नाम पर पकड़कर जेल भेजा जाता है, लेकिन जब मंत्री खुद अपराध करते हैं तो उन पर कार्रवाई तक नहीं होती। क्या इस पत्रकार को इंसाफ मिलेगा?” उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक मंत्री स्तर का व्यक्ति खुलेआम पत्रकार को गाली देता है और मारता है, तो राज्य की पुलिस और प्रशासन क्यों चुप है?