द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने से पहले समृद्धि यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के तहत नीतीश कुमार आज पूर्णिया दौरे पर हैं। पूर्णिया में नीतीश कुमार ने मंच से जनता को संबोधित किया। इस दौरान वो लालू राज को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने लालू राज के वो दिन लोगों को याद करवाया और कहा कि लालू राज एक ऐसा दौर था जब लोग डरे सहमे-से रहते थे। नीतीश कुमार ने इस दौरान लालू-राबड़ी पर हमलावर होते हुए कहा कि वो कुछ किया था जी... महिलाओं के लिए तो कुछ भी नहीं किया। अपने 7 साल तक सता में रहा और खुद गया तो अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। लेकिन महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। महिलाओं को ना तो कोई आजादी थी और ना ही वो घर से बाहर निकल सकती थी। लेकिन अब देखिए महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है हर क्षेत्र में वो आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि याद है ना कि पहले क्या स्थिति थी। लोग शाम में घर से निकलने से डरते थे। सब को बोल दिया जाता था कि शाम के बाद घर से नहीं निकलना है। आगे उन्होंने कहा कि जब हम केंद्र में थे, उस दौरान जब भी अपने इलाके में आते थे और अगर किसी से मिलने जाते थे तो हमको उनके घर का दरवाजा खुद खटखटा के कहना पड़ता था कि हम आ गए हैं। उन्हें यह बताना पड़ता था कि डरो नहीं हम नीतीश कुमार हैं। तब लोग बाहर आते थे। सीएम नीतीश ने कहा कि, जब 24 नवंबर 2005 को पहली बार एनडीए की सरकार बनी तब से ही तो कानून का राज्य है और लगातार विकास हो रहा है। सीएम नीतीश ने कहा कि इसके पहले वाले जो भी थे वो लोग कोई काम नहीं करते थे। लेकिन आज देखिए आज ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में हिंदू- मुस्लिम में लड़ाई हमेशा होते रहता था। इलाज का हाल बदतर था। सड़कों की स्थिति दयनीय थी। लेकिन हम लोग जब सता में आए तो विकास का काम किए। एनडीए के राज्य में प्रेम और भाईचारा को बढ़ावा मिला।