द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ का समापन नालंदा और पटना दौरे के साथ कर दिया। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्हें अगले महीने की 10 तारीख तक सदस्य के रूप में शपथ लेनी है। इसी के साथ अब उनकी सक्रियता दिल्ली की राजनीति की ओर बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, अगले पांच दिनों के भीतर नीतीश कुमार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि नई व्यवस्था बनने तक वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी लगभग तय मानी जा रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री रामनवमी के कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि शनिवार से जदयू की बैठकों का दौर शुरू होगा। सबसे पहले प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी, जो मुख्यमंत्री आवास या जदयू कार्यालय में आयोजित की जा सकती है। इसके बाद कोर कमेटी की बैठक में नई सरकार के गठन और उसके स्वरूप पर चर्चा होगी।
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सूत्रों के मुताबिक, जदयू इस बार विधानसभा अध्यक्ष पद पर भी अपनी दावेदारी ठोक सकती है, जिस पर कोर कमेटी में सहमति बनाई जाएगी। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इस पर अंतिम फैसला अगले चार से पांच दिनों में होने की संभावना है। इसके बाद एनडीए की अहम बैठक होगी, जिसमें बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाई जाएगी। ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि 14 अप्रैल से पहले नई सरकार का गठन नहीं होगा। खरमास समाप्त होने के बाद ही नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है। तब तक नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।