द फॉलोअप डेस्क
मनेर विधायक और RJD नेता भाई वीरेंद्र एक अजीबोगरीब पेंच में फंसते नज़र आ रहे हैं। दरअसल पंचायत सचिव ने विधायक भाई वीरेंद्र पर SC/ST के तहत थाने में FIR दर्ज कराया है। जिसके बाद अब भाई वीरेंद्र इस मामले पर सफाई देते नज़र आ रहे हैं। RJD विधायक ने कहा है कि भाई वीरेंद्र डरने वाला आदमी नहीं है, यह हमको बदनाम करने की साजिश है।.jpg)
उन्होंने कहा है कि "हम जमीनी स्तर के कार्यकर्ता हैं और जनता के नुमाइंदे हैं। जनता का काम करना ही हमारा काम है। फिर चाहे वो पंचायत सचिव हो या चपरासी हो या कर्मचारी या पदाधिकारी हो। हम सभी जगह फोन करते हैं और लोगों का काम कराने का काम करते हैं। उसी क्रम में जब मैं सराय गया था तो पीड़ित परिवार के लोगों ने हमसे मुलाकात कर कहा कि पंचायत सचिव पैसा मांग रहे हैं और पैसा नहीं देने पर हमारा काम नहीं कर रहे हैं"।
उन्होंने आगे कहा "उनलोगों ने पंचायत सचिव का फोन नंबर दिया और कहा कि आप जरा पंचायत सचिव को काम करने के लिए कह दें। एक आदमी ने यह भी कहा कि बड़ा बदमाश है और फोन रिकॉर्ड भी करता है। तो भी हमने कहा कि क्या करना है, चलो फोन कर देते हैं"। जिसके बाद ये घटना सामने आई। उसके बाद RJD विधायक के द्वारा BDO को तुरंत फोन लगाया गया। 
भाई वीरेंद्र ने सरकार पर लगाते हुए कहा "इसमें कुछ सरकार के लोग लग कर हमको बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उससे केस भी करवाया जा रहा है। मैंने कहां धमकी दी है, आप ऑडियो देखिए, ऑडियो में तो धमकी होगा ना।।। हमने उसको धमकी नहीं दी है। वो कहता है कि हम नहीं जानते हैं कि कौन विधायक है। उसके बाद उसने फोन कर कहा कि हमसे गलती हो गई माफ कर दीजिए सर। तो मैंने कहा कि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। मैंने कभी धमकी नहीं दी। कोई ऑडियो में ऐसी बात नहीं है"।
वहीं धमकी देने के आरोप में पंचायत सचिव संदीप कुमार ने RJD विधायक भाई वीरेंद्र पर SC/ST के तहत थाने में FIR दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीते 26 जुलाई को विधायक ने पंचायत सचिव को कॉल कर फटकार लगाई और धमकी दी गई।