द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के गया जी पहुंचे। जहां उन्होंने कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बिहार को बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल आपूर्ति के लिए लगभग 13,000 करोड़ रुपये की सौगात देदी है। .jpeg)
इस दौरान नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12,000 ग्रामीण और 4,260 शहरी लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से घरों की चाबियां सौंपी। वहीं उन्होंने दो नई ट्रेनों अमृत भारत एक्सप्रेस और बौद्ध सर्किट ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। 
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि बिहार की पवित्र धरती पर लिया गया हर संकल्प देश की शक्ति बन जाता है। उन्होंने पहलगाम में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तभी प्रण लिया था कि आतंकवादियों को धूल चटा देंगे, और दुनिया ने इस संकल्प को पूरा होते हुए देखा है।.jpeg)
इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि "लालटेन के राज में बिहार की हालत खराब थी। यह क्षेत्र लाल आतंक के चंगुल में था और गया जैसे शहर भी अंधेरे में डूबे रहते थे। राजद ने बिहार के लोगों को सिर्फ अपना वोट बैंक समझा और उन्हें शिक्षा या रोजगार नहीं दिया, जिससे यहां की कई पीढ़ियों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। एनडीए की सरकार बिहार के युवाओं को उनके अपने राज्य में ही रोजगार देने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े और वे अपने परिवार संग सम्मान के साथ रह सकें।
इस दौरान उन्होंने मंच से संविधान (130वां) संशोधन विधेयक पर बोलते हुए कहा कि "अगर देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना है, तो कानून सबके लिए समान होना चाहिए। यदि कोई सरकारी कर्मचारी कुछ घंटों के लिए भी हिरासत में लिया जाता है, तो उसे निलंबित कर दिया जाता है। और ऐसे में एनडीए सरकार एक ऐसा कानून ले आई है, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को कानून के दायरे में लाया गया है। इस प्रस्तावित कानून के अनुसार, अगर कोई जनप्रतिनिधि गिरफ्तार होता है, तो उसे 30 दिनों के भीतर ज़मानत लेनी होगी। ऐसा न करने पर 31वें दिन उसे अपने पद इस्तीफा देना होगा।