पटना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पटना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में हाल में हुए चुनावों का विश्लेषण करने पर सामने आया कि विधानसभा चुनाव में अचानक लाखों नए वोटर जुड़ गए, जिनमें से अधिकतर वोट भाजपा को गए। राहुल गांधी ने दावा किया कि इन नए वोटरों को एक ही बिल्डिंग में हजारों की संख्या में पंजीकृत किया गया और इसके साथ ही गरीब तबकों के वोट काटे गए। बता दें कि आज भारत बंद के दौरान राहुल गांधी पटना पहुंचे हैं। मिली खबर के मुताबिक, इंडिया गठबंधन ने श्रमिक संगठनों के बुलाये भारत बंद को समर्थन दिया है।

उन्होंने कहा कि जब उन्होंने चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट और मतदान की वीडियोग्राफी मांगी, तो आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। "हमने महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट मांगी, वीडियोग्राफी मांगी, लेकिन आज तक नहीं मिली। उल्टा वीडियोग्राफी का कानून ही बदल दिया गया। ये सब इसलिए किया गया ताकि सच्चाई छिपाई जा सके," राहुल गांधी ने कहा। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि जिस तरह महाराष्ट्र में चुनाव चोरी हुआ, उसी तरह अब बिहार में भी वही साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र मॉडल को हम समझ गए हैं, अब ये बिहार मॉडल लेकर आए हैं। लेकिन इन्हें पता नहीं है कि ये बिहार है। बिहार की जनता ऐसा नहीं होने देगी।"
'चुनाव आयोग भाजपा की तरह बात कर रहा है'
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन के नेताओं ने जब चुनाव आयोग से मुलाकात की तो आयोग का रवैया भाजपा और RSS जैसा था। "चुनाव आयोग भूल गया है कि वह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि देश के संविधान का संरक्षक है," राहुल गांधी ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले चुनाव आयोग के चयन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की भी भूमिका होती थी, लेकिन मोदी सरकार ने इस प्रक्रिया से CJI को हटा दिया और विपक्ष को भी दरकिनार कर दिया।

'ये वोट नहीं, आपके हक की चोरी है'
बिहार के युवाओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ वोट की नहीं, बल्कि भविष्य और अधिकारों की चोरी है। उन्होंने कहा, "INDIA गठबंधन बिहार के साथ खड़ा है और हम यह चोरी नहीं होने देंगे। मैं चुनाव आयोग को स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं, आप जो कर रहे हैं, वह संविधान के खिलाफ है और कानून आपको छोड़ेगा नहीं।" सभा के अंत में राहुल गांधी ने जनता से अपील की कि वे सजग रहें और अपने वोट और अधिकार की रक्षा करें।
