जामताड़ा
जामताड़ा में मंडल कारा (जेल) में बंदियों को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। जेल परिसर में 'विधिक सहायता हेल्प डेस्क' का शुभारंभ किया गया है, जिससे अब गरीब और लाचार कैदियों को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस विशेष कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जामताड़ा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष राधा कृष्ण ने फीता काटकर किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मंडल कारा पहुंचने पर जेल प्रशासन द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मौके पर जेलर ललन भारती, डॉ. राजदेव कुमार, विकाश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया।

वकील या जानकारी के अभाव में कोई न्याय से वंचित न रहे
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों और बंदियों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अत्यंत संवेदनशील लहजे में कहा कि समाज के किसी भी बंदी को केवल कानूनी जानकारी की कमी या वकील न होने के कारण न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए। यही इस हेल्प डेस्क को शुरू करने का मुख्य और अंतिम उद्देश्य है। उन्होंने आगे कहा कि इस हेल्प डेस्क के माध्यम से जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को उनके मामलों की वर्तमान स्थिति, जमानत की कानूनी प्रक्रिया तथा सरकार द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां बेहद आसानी से एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे बंदियों को जटिल न्यायिक प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो सकेंगे।

पैनल अधिवक्ताओं और पीएलवी की तैनाती
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से विशेष पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये प्रतिनियुक्त सदस्य नियमित रूप से जेल का दौरा करेंगे और बंदियों से सीधे संवाद कर उन्हें आवश्यक कानूनी सलाह और ड्राफ्टिंग में मदद प्रदान करेंगे। जेल प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने सामूहिक रूप से बताया कि यह दूरगामी पहल समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम साबित होगी। समारोह को सफल बनाने में कई विधिक और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से पवन कुमार (सचिव, डीएलएसए) ललन भारती (जेलर) डॉ. राजदेव कुमार, विजय कुमार, विकास कुमार सहित भारी संख्या में कोर्ट और जेल प्रशासन के न्यायिक अधिकारी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस मानवीय और विधिक प्रयास की सराहना की।