जमशेदपुर
वीआईपी संस्कृति और लग्जरी गाड़ियों के प्रदर्शन के शौकीन राजनीतिक गलियारों में झारखंड के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री सरयू राय एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। हालांकि जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय इस सोच को वर्षों पहले ही अपने जीवन में उतार चुके हैं। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन संकट के बीच जहाँ आज पूरा देश इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने की वकालत कर रहा है, वहीं जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय वर्षों से बिना किसी सुरक्षा तामझाम के ई-वाहन से सफर कर पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक संदेश दे रहे हैं। सत्ता के शीर्ष पर रहकर भी फिजूलखर्ची से दूर रहने की उनकी यह सादगीपूर्ण जीवनशैली आज पूरे राज्य में चर्चा और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है। वे लंबे समय से बिना तामझाम और बड़े काफिले के इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करते आ रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण का व्यवहारिक संदेश
बढ़ते प्रदूषण और ईंधन संकट के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का विकल्प माना जा रहा है। ऐसे समय में सरयू राय का वर्षों से ई-वाहन का उपयोग करना केवल निजी पसंद नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी गंभीर सोच को भी दर्शाता है। सरयू राय का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों या अभियानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनप्रतिनिधियों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। वे लगातार लोगों, खासकर युवाओं से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने की अपील करते रहे हैं।
सादगी और जनता से सीधा जुड़ाव
सरयू राय की कार्यशैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है। फिजूलखर्ची और दिखावे से दूरी बनाए रखने के कारण आम लोगों के लिए उनसे जुड़ना आसान माना जाता है। बिना भारी सुरक्षा घेरे और औपचारिकताओं के, वे सीधे लोगों के बीच पहुंचते हैं और उनकी समस्याएं सुनते हैं।
झारखंड में बन रही नई पहचान
ई-वाहन के नियमित उपयोग और सादगीपूर्ण राजनीतिक शैली को लेकर सरयू राय का यह उदाहरण अब जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है, ऐसे दौर में जब वैश्विक संकेत से जूझ रहा है। राजनीति में दिखावा और शक्ति प्रदर्शन आम बात हो गयी है, वहां उनका यह व्यवहार एक अलग और सकारात्मक संदेश देता है।