नई दिल्ली/पटना
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए करीब 65 लाख लोगों के नामों की सूची सार्वजनिक करने का निर्देश चुनाव आयोग को दिया है। अदालत ने कहा है कि यह सूची जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर हटाए जाने के कारण सहित अपलोड की जाए, ताकि जनता को पारदर्शी जानकारी मिल सके। कोर्ट इसके लिए 19 अगस्त तक का समय चुनाव आयोग को दिया है।
कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह इस सूची को केवल वेबसाइट तक सीमित न रखे, बल्कि स्थानीय अखबारों, दूरदर्शन, रेडियो और सोशल मीडिया जैसे सरकारी माध्यमों से इसकी व्यापक जानकारी लोगों तक पहुँचाए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि यह बूथवार सूची हर पंचायत भवन, प्रखंड विकास कार्यालय और पंचायत कार्यालयों में भी चिपकाई जाए, ताकि जिन लोगों के पास डिजिटल पहुंच नहीं है, वे भी इस जानकारी को मैन्युअली देख सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग सभी बूथ लेवल और जिला स्तरीय अधिकारियों से अनुपालन रिपोर्ट मंगवाए और उसे अदालत में प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई की तारीख 22 अगस्त 2025 तय की गई है।
यह मामला उस वक्त सामने आया जब राज्य में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठे थे। अब सुप्रीम कोर्ट की इस सख्ती के बाद चुनाव आयोग पर जवाबदेही तय हो गई है।
