द फॉलोअप डेस्क
आगामी 10 जुलाई से बिहार विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। इस बार सदन काफी हंगामेदार होने के आसार है। इसको लेकर विपक्ष ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने अपनी रणनीति बना ली है। सत्र के दौरान बीजेपी शिक्षक नियुक्ति, भ्रष्टाचार, अपराध समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगी। इसके साथ ही बीजेपी ने कहा है कि डोमिसाइल नीति के विरोध में 13 जुलाई को वो गांधी मैदान से लेकर विधानसभा तक मार्च करेंगे।

10 लाख सरकारी नौकरी कब तक सरकार देगी
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी कहा है कि सरकार ने इस बार काफी कम अवधि के लिए मानसून सत्र बुलाया है। जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे बिहार में सरकार ने काफी छोटा सत्र बुलाने का काम किया है। लेकिन बीजेपी ने तय किया है कि विभिन्न मुद्दों को लेकर 13 जुलाई को पटना के गांधी मैदान से विधानसभा तक बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मार्च करेंगे। इसके साथ ही वो सरकार से जवाब मांगेंगे। इस मार्च का मुख्य मुद्दा होगा 10 लाख सरकारी नौकरी कब तक सरकार देगी। इसके साथ ही सीटेट, बीटेट, एसटेट और नियोजित शिक्षकों की सीधी नियुक्ति हो इसको लेकर बीजेपी आवाज उठाएगी। इस आंदोलन के जरिए शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने किया बिहार का अपमान: विजय सिन्हा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में शिक्षकों और शिक्षक अभ्यर्थियों का अपमान किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर कहते हैं कि अंग्रेजी, विज्ञान, गणित में कॉम्पीटेंट अभ्यर्थी नहीं मिल पाते। इसलिए सीट खाली रह जाते हैं। इसलिए शिक्षक भर्ती नियमावली में संशोधन किया गया है। ये कहकर उन्होंने बिहार का अपमान किया है। शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में लगातार संशोधन हो रहा है ताकि बहाली की प्रक्रिया को फंसाया जा सके। यहां, आपातकाल लग गया है। अपने हक की आवाज उठाने वाले को सरकार जेल भेज देती है।
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