द फॉलोअप डेस्क
शिक्षक नियुक्ति के नई नियमावली में संशोधन कर स्थानीय निवासी होने की अनिवार्यता के विरोध लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज शिक्षक अभ्यर्थियों पटना में महाआंदोलन करेंगे। बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के आवाहन पर इस आंदोलन में सीटेट, बीटेट, एसटीइटी पास अभ्यर्थी जुड़ेंगे। इसके साथ ही जानकारी मिली है कि शुक्रवार तक मात्र 90 हजार अभ्यर्थियों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें से 55 हजार ने आवेदन भरे हैं।

शिक्षा मंत्री का बयान पर आक्रोशित अभ्यर्थी
मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्री का बयान को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी में काफी आक्रोश है। शिक्षक अभ्यर्थी का कहना है कि, मंत्री ने बिहारी युवाओं की मेधा पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षक बिहार में नहीं मिलते हैं, जबकि सच्चाई है कि चार वर्षों से तमाम जरूरी योग्यता के बावजूद सरकार इन विषयों के शिक्षकों की बहाली नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि इस तक सरकार की दमनकारी नीति के विरुद्ध पूरे बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर महाआंदोलन करेंगे तथा राजभवन मार्च करेंगे।

12 जुलाई को बिहार के तमाम विधायकों के आवास का करेंगे घेराव
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि लाखों शिक्षक अभ्यर्थी डोमिसाइल नीति हटने से आक्रोशित हैं। सरकार उनका रोजगार छीनकर दूसरे प्रदेश के लोगों को रोजगार का अवसर दे रही है, जो कहीं से उचित नहीं है। इसी को लेकर बिहार के लाखों शिक्षक 11 जुलाई को बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे। 12 जुलाई को पटना में बिहार के तमाम विधायकों के आवास का घेराव करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे, जिससे उनके क्षेत्र के विधायक उनकी मांगों को विधानसभा में रख सकें।
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