भागलपुर/बिहार
भागलपुर में सुल्तानगंज नगर परिषद में मंगलवार को दिनदहाड़े गोलीकांड की वारदात को अंजाम दिया गया था। इसे लेकर राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए एनडीए सरकार पर हमला बोला है। इस गोलीकांड में EO कृष्ण भूषण की मौत हो गई थी। जबकि सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रुप से घायल हो गए थे। वहीं, इस मुठभेड़ में आरोपी रामधनी यादव को पुलिस एनकाउंटर में मार दिया गया है, जबकि दूसरा आरोपी घायल है।

भाजपा के शासन में अब हत्याएं 'मंगलराज' की श्रेणी में
तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए इसे 'गुंडाराज' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अब अपराधी इतने बेखौफ हो गए हैं कि वे सरकारी दफ्तरों में घुसकर दिनदहाड़े फायरिंग कर रहे हैं। कहा कि भाजपा के शासन में अब हत्याएं 'मंगलराज' की श्रेणी में गिनी जाने लगी हैं।

"सिक्सर की गोली" गानों से अपराधियों को प्रोत्साहन
इस दौरान तेजस्वी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने चुनावी भाषणों का भी जिक्र किया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि "सिक्सर की गोली" जैसे नारों से अपराधियों को प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने दावा किया कि इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी एनडीए नेता रामधनी यादव है, जिसे कथित तौर पर भाजपा का संरक्षण प्राप्त है। आगे उन्होंने कुछ केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के बड़े नेताओं के साथ आरोपी की नजदीकी होने का दावा भी किया। साथ ही सरकार से सवाल करते हुए लिखा कि क्या "डबल इंजन" की सरकार अब अपने ही "सुशासनी गुंडों" को बचाने में जुट गई है?

सत्ता में बैठे लोग बिहार की अस्मिता के दुश्मन बन चुके हैं
इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी दल पर 'दोहरे चरित्र' का आरोप लगाया और पूछा कि जो लोग विपक्ष पर 'जंगलराज' का आरोप लगाते नहीं थकते, वे अब एक सरकारी अधिकारी की हत्या पर चुप क्यों हैं? आगे अपने पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश के दोनों डीप्टी सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय जाति खोजने या घिसे-पिटे डायलॉगबाजी में व्यस्त है। राजद नेता ने कड़े शब्दों में कहा कि 21 साल से सत्ता में बैठे लोग बिहार की अस्मिता के दुश्मन बन चुके हैं। साथ ही लिखा कि अपने निजी गुंडों का बचाव करने के लिए अतार्किक भाषा का सहारा ले रहे हैं।