दिल्ली:
IRCTC मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Deputy CM Tejashwi Yadav) को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court of Delhi) ने तेजस्वी को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दे दिया है। बता दें कि CBI ने तेजस्वी के खिलाफ याचिका दायर कर उनकी जमानत रद्द करने की मांग (seeking cancellation of bail) की है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को (Next hearing will be on 18 ) होगी। कोर्ट ने उस दिन तेजस्वी यादव को कोर्ट में उपस्थित रहने को कहा है।

25 अगस्त को राजद कार्यालय सीबीआई पर जमकर बरसे थे तेजस्वी
बता दें कि 25 अगस्त को राजद कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा था कि 'क्या सीबीआई अधिकारियों की मां और बच्चे नहीं होते ! क्या उनका परिवार नहीं है! क्या वे हमेशा सीबीआई अधिकारी रहेंगे! क्या वे रिटायर नहीं होंगे! सिर्फ यही पार्टी (भाजपा) सत्ता में बनी रहेगी! आप क्या संदेश देना चाहते हैं? आपको संवैधानिक संगठन के कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।

क्या है IRCTC टेंडर घोटाला मामला
IRCTC टेंडर घोटाले में राजद सुप्रीमो लालू यादव पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2004 से 2009 के बीच अपने कार्यकाल में रेल मंत्री रहते हुए एक निजी कंपनी को अवैध तरीके से भुवनेश्वर और रांची में दो होटलों को चलाने का ठेका दिया था। इसके बदले में पटना के सगुना मोड़ क्षेत्र में इस कंपनी ने तीन एकड़ जमीन उपलब्ध कराई। इसको लेकर सीबीआई ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। आईपीसी की धारा 420, 120 बी और भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। दो वर्ष पूर्व तीनों को जमानत मिली थी। सीबीआई तेजस्वी यादव की इसी जमानत को रद्द करवाना चाहती है।