द फॉलोअप डेस्क
बिहार राज्य के अररिया स्थित सिकटी में पीएम किसान योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली पीएम किसान सम्मान निधि योजना के 22वीं किस्त पर संकट गहरा गया है। जानकारी के अनुसार, हजारों किसान इस योजना से वंचित हो सकते हैं। बताते चलें कि, कृषि अधिकारियों द्वारा धोखाधड़ी को रोकने के लिए 11 अंकों की विशिष्ट आईडी को अनिवार्य बताया गया है। वहीं, किसानों को फार्मर आईडी बनाने में काफी दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है और दो विशेष अभियानों के बावजूद भी 30% किसानों का फार्मर आईडी अब तक नहीं बन पाया है। हालांकि, किसानों के ई KYC किए जाने का मामले में स्थिति कुछ बेहतर है।
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जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की उदासीनता और पूर्वजों के नाम पर जमाबंदी के कारण किसान पंजीकरण में बाधा आ रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिकटी में 21 हजार 600 किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। जबकि यहां रजिस्टर्ड किसानों की संख्या 23 हजार 834 है। वहीं, दो अभियान बीत जाने के बाद इसमें से मात्र 9276 किसानों का अब तक रजिस्ट्रेशन हो पाया है। जबकि 18 हजार 251 किसानों का E-KYC पूरा किया जा चुका है। दरअसल, कृषि विभाग को E-KYC तथा राजस्व विभाग को फार्मर आईडी बनाने का जिम्मा दिया गया था,परंतु राजस्व विभाग ने यहां भी कंजूसी बरती।
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जिसका परिणाम है कि फार्मर आईडी जेनरेट होने में जिले का ग्राफ काफी नीचे चला गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो किसानों का एक बड़ा तबका पीएम किसान योजना से वंचित हो जाएगा। वहीं, किसानों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाने की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना हो रहा है। किसानों का कहना है कि, पूर्वजों के नाम बदलवाने और जमीन को स्वयं के नाम पर करने को लेकर रैयत कार्यालय का चक्कर काटते-काटते थक जाते हैं।