मधुबनी
बिहार के मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब पांच मासूम बच्चियां नहाने के दौरान नहर में डूब गईं। इस हादसे में जहां दो बच्चियों को लोगों ने किसी तरह सुरक्षित निकाल लिया, वहीं तीन बच्चियों की जान नहीं बचाई जा सकी। मृत बच्चियों की एक साथ तीन लाशें गांव में पहुंचीं तो माहौल गमगीन हो उठा। हर आंख नम थी और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
नहाने गई थीं बच्चियां, अचानक डूबने लगीं
जानकारी के अनुसार, रहिका थाना क्षेत्र के बड़ी मस्जिद टोला की रहने वाली पांच बच्चियां दोपहर के समय पास ही बह रही पुरानी कमला नहर में नहाने गई थीं। नहर में पानी ज्यादा होने के कारण बच्चियां संतुलन खो बैठीं और डूबने लगीं। वहां मौजूद ग्रामीणों ने शोर सुनकर तत्परता दिखाते हुए दो बच्चियों को बाहर निकाल लिया। हालांकि तीन बच्चियों को जब तक बाहर निकाला गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
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अस्पताल में इलाज के दौरान गई जान
तीनों बच्चियों को तुरंत रहिका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मो. इसराइल की पुत्री रानी परवीन (13), अब्दुल नद्दाफ की पुत्री आस्तीन परवीन (13) और मो. मुस्ताक की पुत्री नाड़ियां खातून (12) के रूप में हुई है। ये तीनों आपस में घनिष्ठ सहेलियां थीं और अक्सर एक साथ समय बिताती थीं।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मधुबनी-बेनीपट्टी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अगर समय पर और बेहतर इलाज मिलता, तो शायद बच्चियों की जान बच सकती थी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन की समझाइश के बाद खुला जाम
सूचना मिलते ही रहिका अंचल अधिकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए लोग नहीं माने। इसके बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) चंदन कुमार झा और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) अमित कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सरकारी सहायता देने का भरोसा दिलाया। साथ ही, इलाज में लापरवाही के आरोपों की जांच कराने और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम हटाया।
गांव में पसरा मातम, हर चेहरा उदास
घटना के बाद पूरे रहिका गांव में मातम पसरा हुआ है। मृत बच्चियों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। एक साथ तीन किशोरियों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि ये बच्चियां पढ़ने-लिखने में तेज थीं और हमेशा साथ रहती थीं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक सामान्य सी दोपहर इतनी भयावह याद बनकर रह जाएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने, बच्चों के लिए सुरक्षित नहाने की व्यवस्था कराने और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
