द फॉलोअप डेस्क
सारण पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के मामले में नगर थाना अंतर्गत दो पुलिसकर्मियों जिसमें एक महिला सिपाही जिसका नाम इंदु कुमारी है और एक पुरूष सहायक अवर निरीक्षक जिसका नाम जगदीश शर्मा बताया जा रहा है, दोनों को निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, वीडियो में महिला सिपाही को कथित तौर पर प्रेमी युगल से पैसे की लेन-देन की बात करते हुए देखा गया था। सारण पुलिस का कहना है कि इससे पुलिस की छवि धूमिल हुई है। दरअसल, दोनों पुलिसकर्मोयों द्वारा एक प्रेमी जोड़े को पकड़ा गया उसके बाद उन्हें छोड़ने की एवज में पैसे मांग रहे थे।
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जानकारी के अनुसार, सारण पुलिस ने प्रसारित वीडियो प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नगर थाना में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, इस मामले में प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता और पुलिस की छवि धूमिल होने की बात सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। वहीं, पुलिस ने बताया कि 17 फरवरी की रात 9:45 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर एक वीडियो प्राप्त हुआ। जिसमें वीडियो के अवलोकन में यह पाया गया कि नगर थाना की आपात सेवा वाहन पर प्रतिनियुक्त महिला सिपाही इंदु कुमारी एक व्यक्ति से कथित रूप से पैसों के लेन-देन संबंधी बातचीत करती हुई प्रतीत हो रही हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि गंडक कालोनी में सरकारी आवास है। जहां इलाका सुनसान रहता है। इसमें अक्सर प्रेमी जोड़ा आकर बातचीत करते हैं। इसी बीच पुलिसकर्मी ने एक प्रेमी जोड़े को पकड़ लिया और छोड़ने की एवज में पैसे मांगे। लेकिन जब पुलिस द्वारा पूछताछ शुरू की गई तो महिला सिपाही इंदु कुमारी ने बताया कि यह वीडियो लगभग दो महिने पहले का है।

उन्होंने यह भी बताया कि उस दिन ड्यूटी पर सहायक अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा तथा चालक सिपाही उमेश सिंह मौजूद थे। पुलिस प्रशासन ने वीडियो की सामग्री को गंभीर मानते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधि से विभाग की छवि धूमिल होती है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सहायक अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा एवं महिला सिपाही इंदु कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों को निलंबन अवधि में सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर रखा गया है। सारण पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।