द फॉलोअप डेस्क
बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा आज, 2 फरवरी से राज्यभर के 1,762 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई। पहले दिन ही जहानाबाद में एक चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला, जहां दो परीक्षार्थी पुलिस कस्टडी में हथकड़ी लगाकर परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों छात्र रतनी प्रखंड के शकूराबाद केंद्र पर परीक्षा देने आए थे, जिन्हें कड़ी जांच के बाद बैठने की अनुमति दी गई।
परीक्षा के पहले दिन सुरक्षा और सख्ती का मिला-जुला असर दिखा। पटना और अन्य जिलों में जूते-मोजे ही नहीं, बल्कि जमुई में छात्रों की बेल्ट तक उतरवाई गई। वहीं, पटना के शास्त्रीनगर में हिजाब को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी। इसके उलट, कई जिलों में छात्राओं का स्वागत तिलक लगाकर और फूलों से सजे 'मॉडल केंद्रों' पर किया गया, जिससे एक सकारात्मक माहौल भी नजर आया।.jpg)
बेगूसराय और नालंदा जैसे जिलों से समय की पाबंदी को लेकर कई तस्वीरें सामने आईं। सुबह 9 बजे गेट बंद होने के बाद देर से पहुंचने वाली कई छात्राएं केंद्र के बाहर रोती नजर आईं, जबकि कुछ छात्र गेट फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करते दिखे। हालांकि, पहली शिफ्ट में बायोलॉजी का पेपर देकर निकले अधिकांश छात्रों के चेहरे पर खुशी थी और उन्होंने बताया कि सवाल सिलेबस के भीतर से और आसान थे।.jpeg)
इस वर्ष की परीक्षा में कुल 13,17,846 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या (6,75,844) छात्रों (6,42,002) से अधिक है। बिहार बोर्ड ने नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए हैं, और यह परीक्षा आगामी 13 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहले दिन दूसरी पाली में इकोनॉमिक्स की परीक्षा के साथ शांतिपूर्ण तरीके से समापन हुआ।