द फॉलोअप डेस्क
पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि, पप्पू यादव की गिरफ्तारी कल रात 6 फरवरी को ही उनके पटना स्थित आवास से की गई। निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, यह पूरा विवाद 1995 का है, जो पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज कांड संख्या 552/1995 से जुड़ा है। बताते चलें कि, शिकायतकर्ता मकान मालिक विनोद बिहारी लाल ने पप्पू यादव पर आरोप लगाया था कि पप्पू यादव ने धोखाधड़ी से पर्सनल यूज बताकर घर किराए पर लिया था, लेकिन उसे राजनीतिक कार्यालय बना लिया। जब मालिक को पता चला तो विवाद हुआ। बताते चलें कि, आरोपों में धोखाधड़ी, जालसाजी, घर में घुसपैठ, आपराधिक धमकी और षड्यंत्र शामिल हैं। वहीं, पप्पू यादव पर पुराने आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120 बी के तहत मामला चल रहा था।

जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव लोकसभा सत्र से दिल्ली से पटना लौटे ही थे कि पुलिस टीम उनके घर पहुंच गई। सिविल ड्रेस में आए अफसरों और पांच थानों की टीम ने वारंट दिखाते हुए उनका गिरफ्तारी की कोशिश की। पप्पू यादव ने शुरू में विरोध किया और कहा कि वे शनिवार सुबह खुद कोर्ट में पेश होंगे। वहीं, उनके समर्थकों और पुलिस के बीच बहस हुई। वहीं, पप्पू यादव ने चिल्लाकर कहा कि ये लोग उन्हें मारने आए हैं और गिरफ्तारी का वारंट नहीं दिखाया गया, बल्कि संपत्ति कुर्की का कागज निकाला गया। उनकी गिरफ्तारी के दौरान घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। जिसमें समर्थकों ने विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। वहीं, पप्पू यादव ने साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ राजनीतिक साजिस की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने पटना में नीट छात्रा की मौत और गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा था। इसी कारण उन्हें दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मुझे नहीं पता मेरे साथ क्या होगा। पप्पू यादव ने आगे कहा कि, उन्हें शक है कि उनके साथ कुछ गलत हो सकता है। उन्होंने पुलिस से कहा कि वे पुलिस स्टेशन नहीं बल्कि, सीधे अदालत जाना चाहते हैं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि, यह मामला पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में ट्रायल पर था। पप्पू यादव के बार-बार सुनवाई में पेश नहीं होने के कारण कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस के अनुसार, तय तारीख पर हाजिर न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। बताते चलें कि, दो दिन पहले ही कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का आदेश दिया था। जिसके बाद पुलिस एक्शन में आ गई थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पप्पू यादव को स्वास्थ्य जांच के लिए पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल ले जाया गया। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया कानूनी है और उनकी सेहत का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। बताते चलें कि, पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत में नया मोड़ आ गई है। वहीं, पप्पू यादव के समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। जबकि पुलिस इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा मान रही है। शनिवार 7 फरवरी को सांसद को कोर्ट में पेश किया जाना है। अब देखना है कि उन्हें जमानत मिलती है या हिरासत की समय बढ़ाई जाती है। हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि वे सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं और अक्सर सरकार की आलोचना करते हैं। इस वजह से उनकी गिरफ्तारी की गई है।