द फॉलोअप डेस्क
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरूआत हो गई है। मंत्री बादल पत्रलेख ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। बादल पत्रलेख ने मेला का उद्घाटन करने के बाद कहा कि श्रावण मास में देवघर एवं बासुकीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान रखा जायेगा। जानकारी हो कि हर साल लाखों लोग बाबानगरी बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने आते हैं। । इस दौरान पूरा देवघर शिव की भर्ति में लीन हो जाता है। 
गंगा की मिट्टी बिछाई गई
इस वर्ष श्रावणी मेला में 19 सालों के बाद बेहद खास संयोग बना है। इस बार सावन 2 महीने का है। इसे ध्यान में रखते हुए भी व्यवस्था की गई है। दुम्मा से खिजुरिया तक 8 किलोमीटर कांवरियों पथ पर पहली बार गंगा की मिट्टी बिछाई गई है। 10 हजार क्षमता वाले अधिकतम भवन में कांवरियों को सस्ते दर पर भोजन मिलेगा कांवरियों की कतार लगाने को लेकर रूट लाइन में वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं।

19 वर्ष बाद ऐसा श्रावणी मेला आया
श्रावणी मेला का विधिवत शुभारंभ कराने के लिए 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा बाबा बैद्यनाथ की पूजा के साथ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2023 का शुभारंभ कराया गया। वैदिक पुरोहितों की पूजा संपन्न हुई, तो अतिथियों ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर श्रावणी मेला 2023 का का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिले के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने स्वागत भाषण दिया। उपायुक्त ने बताया कि 19 वर्ष बाद ऐसा श्रावणी मेला आया हैं, जिसमें 8 सोमवार पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में बाबा नगरी देवघर आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं को हरसंभव सुविधा उपलब्ध करायेगी।

इस वर्ष बदला-बदला दिखेगा मेला
श्रावणी मेला स्वरूप द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ के दरबार में लगने वाले मासव्यापी श्रावणी मेला का स्वरूप इस वर्ष बदला-बदला दिखेगा। गुरु पूर्णिमा यानि आज तक बाबा वैद्यनाथ पर जलार्पण के बाद स्पर्श करने वाले भक्त अरघा व्यवस्था के तहत जलार्पण करेंगे। 8-10 किमी परिधि में फैला रहने वाला श्रावणी मेला बाबा वैद्यनाथ मंदिर इलाके तक ही सीमित रखने की योजना है। कतार की शुरूआत बीएड कॉलेज से होगी।

प्रशासन की पुख्ता तैयारी
वहीं मेले को लेकर भारी मात्रा में प्रशासन मुस्तैद रहेगी। लगभग दो माह तक चलने वाले इस मेले में 8640 हजार जवान सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे। बताते चलें कि मेले में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने का अनुमान है। जानकारी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में इंस्पेक्टर 120, एसआई और एएसआई 726, सशस्त्र हवलदार और आरक्षी 1080, लाठी हवलदार आरक्षी 6200, महिला लाठी बल 514, दो एसाल्ट ग्रुप, दो बम निरोधक दस्ता, दो आंशु गैस दस्ता, दो एटीएस टीम और दो श्वान दस्ता की टीम तैनात रहेगी। साथ ही सीआईडी और विशेष शाखा के जवान भी तैनात रहेंगे।
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