द फॉलोअप डेस्क
मुंबई से आई एक दुखद खबर ने टेलीविज़न और फिल्म जगत को शोक में डाल दिया है। अभिनेता-निर्देशक धीरज कुमार का मंगलवार को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया। 80 वर्षीय धीरज कुमार बीते कुछ दिनों से निमोनिया के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे। सोमवार को उन्हें अंधेरी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं आया और मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

फिल्मों से शुरूआत, टेलीविज़न को दी नई पहचान
धीरज कुमार ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत 1970 के दशक में की थी और कई फिल्मों में संजीदा भूमिकाएं निभाईं। परंतु उन्हें असली पहचान टेलीविज़न के ज़रिए मिली, जहां उन्होंने निर्माता-निर्देशक के रूप में खास मुकाम बनाया। ‘ओम नमः शिवाय’ जैसे पौराणिक धारावाहिकों से उन्होंने दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बना ली। इसके अलावा ‘साईं बाबा’, ‘श्री गणेश’ और ‘कन्हैया’ जैसे शो भी बेहद लोकप्रिय रहे, जो न केवल आध्यात्मिक मूल्यों को सामने लाते थे, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा से भी दर्शकों को जोड़ते थे।

सांस्कृतिक चेतना के वाहक थे धीरज कुमार
धीरज कुमार ने धार्मिक और सांस्कृतिक कथाओं को टेलीविज़न के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का जो कार्य किया, वह भारतीय टीवी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उनके धारावाहिक मनोरंजन से कहीं आगे जाकर दर्शकों के लिए आध्यात्मिक अनुभव बन जाते थे। उनके निधन के साथ एक ऐसा युग समाप्त हुआ है, जिसने भारतीय टेलीविज़न को गहराई, गरिमा और सांस्कृतिक दिशा दी। उनका योगदान भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
