रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि राज्य में 5 हजार नए सखी मंडल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इससे 60 हजार परिवारों को जोड़ने का टारगेट तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं। ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाएं। राज्य के भीतर वैसे पात्र लाभुक जो आवासविहीन हैं या मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण घरों में रहते हैं उन्हें चिन्हित कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से ग्रामीण आवास योजनाओं को पूर्ण करें। बैठक में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग मती दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थे।
सखी मंडलों की संख्या बढ़ाए
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) राज्य के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ-हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें। 
समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के लिए दें व्यापक सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी के उत्पाद की मैपिंग कर जेएसएलपीएस अंतर्गत कार्यरत डीपीएम और बीपीएम को बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपे। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत 5 हजार नए सखी मंडल के गठन किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की समस्त सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से 5 हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य
हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार मिले यह सुनिश्चित करें। दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे विक्री केंद्र स्थापित हो, इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट अथवा उसी अनुरूप अन्य विक्री केंद्र को स्थान मिले इस हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना को गति दें। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और 6 पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश के लिए पशुधन योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, इस योजना को गति देते हुए ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।
महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जुट प्रोसेसिंग जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रॉ-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनी उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं, इस पर बेहतर कार्य किया जा सकता है, विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां हनी का ज्यादा उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े। विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। कलस्टर स्तर पर सेल्फ हेल्फ ग्रुप का निरंतर बैठकें हो तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो इसकी रूपरेखा तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो इस निमित्त कार्य योजना बनाएं।