द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का कल 28 अगस्त को आखिरी दिन है। जिसमें प्रश्नकाल, गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा और अन्य राजकीय कार्य होंगे। आज गणेश चतुर्थी के अवसर पर सदन में अवकाश रहेगा।
वहीं अब तक की कार्यवाही में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को अंजाम दिया है, जबकि विपक्ष ने सूर्या हांसदा के एनकाउंटर को लेकर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरा है।
ये विधेयक और प्रस्ताव हुए अब तक पारित
- सत्र के पहले ही दिन, 22 अगस्त को, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4,296 करोड़ 62 लाख का अनुपूरक बजट पेश किया गया।
- सरकार ने 'झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025' पारित किया। इस विधेयक के तहत, अब विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति राज्यपाल के बजाय राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। इस दौरान विपक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन बहुमत के दम पर सरकार ने इसे पास करा लिया।
- 'झारखंड कोचिंग संस्थान विधेयक' भी पारित हुआ। इसका उद्देश्य राज्य में निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी फीस और संचालन पर लगाम लगाना है।
- 'झारखंड गिग वर्कर्स विधेयक' को भी मंजूरी मिली है। यह विधेयक राज्य में गिग इकोनॉमी से जुड़े श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
- इनके अलावा, दो और महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए हैं, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे।
- इसके बाद सत्तारूढ़ गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सदन में एक प्रस्ताव पारित कराया, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
वहीं इस दौरान पक्ष-और विपक्ष ने सदन के अंदर और बाहर जमकर हंगामे किये। विपक्ष सूर्या हांसदा के एनकाउंटर को लेकर हंगामे कर रहे थे तो वही सत्ता पक्ष SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन में उतरे थे।