काठमांडू
नेपाल सरकार ने फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को देश में तत्काल प्रभाव से ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि कुल 23 प्लेटफॉर्म्स को बार-बार नोटिस देने के बावजूद उन्होंने देश में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की।
नेपाल के संचार एवं सूचना मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने बताया कि सरकार कई महीनों से इन कंपनियों से आधिकारिक रूप से रजिस्टर होने की मांग कर रही थी, लेकिन अनुपालन नहीं होने पर यह कदम उठाना पड़ा। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण को सभी गैर-रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म को तब तक बंद करने का आदेश दिया गया है जब तक वे आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं कर लेते।

सरकार ने 28 अगस्त को सोशल मीडिया कंपनियों को अंतिम बार चेतावनी देते हुए सात दिनों की मोहलत दी थी, जिसकी समयसीमा बुधवार रात खत्म हो चुकी है। इसके बाद सरकार ने बैन लागू करने का निर्णय लिया।
टिकटॉक और वाइबर को मिली छूट
दिलचस्प बात यह है कि टिकटॉक, वाइबर और तीन अन्य प्लेटफॉर्म पर पाबंदी नहीं लगेगी क्योंकि उन्होंने नेपाल सरकार के साथ रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इनसे सरकार ने देश में एक लायजन ऑफिस खोलने की भी मांग की है।

विवादों में सरकार का प्रस्तावित बिल
नेपाल सरकार ने संसद में एक विधेयक भी पेश किया है, जिसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और निगरानी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव का विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह बिल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने और असहमति की आवाज़ दबाने का जरिया बन सकता है।
अधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि ऐसा कानून नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है। वहीं, सरकार का तर्क है कि सोशल मीडिया पर साझा की जा रही सामग्री के लिए उपयोगकर्ताओं और कंपनियों दोनों को जिम्मेदार और जवाबदेह ठहराना आवश्यक है।
