द फॉलोअप डेस्क
अमेरिका यात्रा के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भारत के खिलाफ कई तीखे बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि मई में भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान को सफलता मिली, जबकि भारत 'विश्व गुरु' बनने का जो दावा करता है, वह ज़मीनी सच्चाई से कोसों दूर है।.jpeg)
मुनीर ने टाम्पा में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर परिवर्तन समारोह में हिस्सा लिया और इसके बाद एक निजी कार्यक्रम में पाकिस्तानी समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने भारत की खुफिया एजेंसी रॉ पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया और कनाडा में एक सिख नेता की हत्या, क़तर में नौसेना अधिकारियों का मामला और कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी जैसे मामलों का हवाला दिया।
फ़ील्ड मार्शल मुनीर ने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत की 'भेदभावपूर्ण और दोहरे मापदंडों वाली नीतियों' के खिलाफ कूटनीतिक मोर्चे पर भी निर्णायक सफलता हासिल की है। उन्होंने कश्मीर को एक अधूरा अंतरराष्ट्रीय एजेंडा बताया और कहा कि पाकिस्तान की रणनीतिक सोच, सैन्य दृढ़ता और राजनीतिक नेतृत्व की दूरदर्शिता ने इस सफलता को संभव बनाया है।.jpeg)
उन्होंने संघर्ष विराम के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को श्रेय देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत-पाक युद्ध टला। हालांकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि संघर्ष विराम पाकिस्तान की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के बाद हुआ था।.jpg)
इस बीच, भारत में 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर सेना और वायुसेना प्रमुखों के ताजा बयानों ने फिर से मई संघर्ष को सुर्खियों में ला दिया है। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यह ऑपरेशन पारंपरिक युद्धों से अलग था और इसमें नैरेटिव मैनेजमेंट (वृत्तांत निर्माण) की अहम भूमिका रही। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से अपने सेना प्रमुख को ‘फ़ील्ड मार्शल’ बनाने को नैरेटिव का हिस्सा बताया।.jpeg)
वहीं वायुसेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह ने दावा किया कि भारत ने संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमान और एक बड़ा विमान मार गिराया था। इस पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय दावे को खारिज किया।.jpeg)
मई संघर्ष की शुरुआत 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी। इसके जवाब में भारत ने छह-सात मई की रात पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जो 10 मई को संघर्षविराम पर सहमति के बाद थमी।