रांची
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धनबाद SSP को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। बता दें कि कुछ दिनों पहले गैंगस्टर प्रिंस खान का एक वीडियो वायरल हुआ था, इसके बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान द्वारा विदेश से सोशल मीडिया के माध्यम से जारी वीडियो में धनबाद पुलिस प्रशासन, कोयला तंत्र और कथित वसूली नेटवर्क को लेकर उजागर किए गए तथ्यों ने पूरे राज्य की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मामले को लेकर धनबाद में पुलिस अपराधी गठजोड़, संगठित वसूली नेटवर्क, अंतर्राष्ट्रीय अपराध संचालन तंत्र एवं संभावित विदेशी कनेक्शन की जांच NIA से कराने को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। नेता प्रतिपक्ष ने धनबाद SSP प्रभात कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की भी मांग की है।

व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न
मरांडी ने कहा, यह मामला केवल किसी अपराधी के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है जो जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का दावा करती है। आमतौर पर पुलिस अपराधियों का पर्दाफाश करती है, लेकिन झारखंड में स्थिति इतनी विचित्र होती दिखाई दे रही है कि अब गैंगस्टर ही पुलिस अधिकारियों के कथित काले कारनामों का खुलासा कर रहे हैं। धनबाद के वर्तमान एसएसपी प्रभात कुमार को लेकर सामने आए आरोप केवल किसी एक अधिकारी पर टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता और साख पर गंभीर प्रहार हैं।
उन्होंने आगे कहा, वीडियो में उजागर की गई बातें अत्यंत गंभीर हैं। गरीबों और कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जा कराने के प्रयास, माइनिंग माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़, तथा सत्ता और वर्दी के प्रभाव से भय का वातावरण बनाने जैसे आरोप लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक हैं। व्यापारियों और उद्योग जगत के बीच भी कथित वसूली और दबाव की मानसिकता बढ़ने की बात सामने आ रही है, जिससे जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है।

सिर्फ वर्दी का अंतर रह गया है
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, झारखंड की स्थिति आज इस हद तक पहुंच चुकी है कि जनता के बीच यह धारणा बनती जा रही है कि कुछ अधिकारियों और अपराधियों के बीच मूलभूत अंतर केवल वर्दी का रह गया है-एक वर्दी पहनकर कथित धंधा कर रहा है और दूसरा बिना वर्दी के। जब कानून लागू करने वाले और कानून तोड़ने वालों की छवि जनता की नजर में धुंधली होने लगे, तब यह पूरे सिस्टम के पतन होने का संकेत होता है।
यदि वीडियो में लगाया गये आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के गंभीर क्षरण का संकेत है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जनता के बीच यह चर्चा आम हो चुकी है कि धनबाद जैसे संवेदनशील जिलों में करोड़ों रुपये की कथित बोली लगाकर पोस्टिंग हासिल की जाती है। यदि इसमें सत्यता है, तो ऐसी पोस्टिंग कानून व्यवस्था सुधारने के लिए नहीं बल्कि “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” की तरह इस्तेमाल की जा रही है।

मरांडी की मुख्य मांगें
1. धनबाद के वर्तमान एसएसपी प्रभात कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
2. पूरे मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक निगरानी में जांच कराई जाए।
3. माइनिंग माफिया, कोयला लूट, भूमि कब्जा और प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो।
4. वायरल वीडियो में लगाए गए तथ्यों की सत्यता की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
5. धनबाद में व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच फैले भय और असुरक्षा के माहौल को समाप्त करने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए।
6. इस पूरे प्रकरण, कथित पुलिसद-अपराधी गठजोड़, संगठित वसूली नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय अपराध संचालन तंत्र एवं संभावित विदेशी कनेक्शन की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराई जाए।
