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वज्रपात से झारखंड में 10 मौतें, सक्रिय हुआ मानसून; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, लेकिन मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर राज्य के कई हिस्सों में बारिश और वज्रपात का दौर जारी है, तो दूसरी ओर पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे इलाकों में हीट वेव की आशंका बनी हुई है। बुधवार रात से गुरुवार शाम तक आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। पिछले 10 दिनों में वज्रपात से मरने वालों की संख्या 20 के पार पहुंच चुकी है। मौसम विभाग ने 1 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।

कहीं बारिश तो कहीं हीट वेव का असर

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। वहीं, गढ़वा, पलामू और चतरा के कुछ इलाकों में हीट वेव की स्थिति भी बनी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण और राजस्थान से पश्चिम बंगाल तक फैले मानसूनी ट्रफ के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के और मजबूत होने तथा जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक अच्छी बारिश होने की संभावना है।

वज्रपात से 10 लोगों की गई जान

आकाशीय बिजली की चपेट में आकर पलामू के उकसु गांव की चिंता कुंवर (60) और गोंगो गांव के 12 वर्षीय अनेश कुमार की मौत हो गई। लोहरदगा के बतरू गांव में 11 वर्षीय नीलम कुमारी, कोडरमा के फुलवरिया गांव में सोनी कुमारी (26), चतरा के रिमी गांव में पूजा कुमारी (15), महुगाई गांव की सरोज देवी (44) और शैवाल गांव के सहदेव ठाकुर (50) की भी वज्रपात से जान चली गई। वहीं, जामताड़ा के चड़काडीह गांव में बुधवार रात वज्रपात की चपेट में आए बिनु हांसदा (45) और विश्वकर्मा टुडू (15) की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि नैयाडीह गांव में लक्ष्मीपुर निवासी सनातन हांसदा (45) की भी आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई।

मानसून सक्रिय, लेकिन बारिश अब भी सामान्य से काफी कम

मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। 24 जून तक राज्य में सामान्य रूप से 139.9 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 58.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 58 प्रतिशत कम है। राजधानी रांची में 1 जून से 25 जून के बीच 125.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य के करीब है। हालांकि रांची को छोड़कर अधिकांश जिलों में बारिश की भारी कमी बनी हुई है। गढ़वा में अब तक केवल 1.7 मिमी, साहिबगंज में 3.2 मिमी और चतरा में 6.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से काफी कम है। गढ़वा और साहिबगंज राज्य के सबसे सूखे जिले बने हुए हैं।

तापमान में अभी राहत नहीं, चाईबासा में सबसे अधिक बारिश

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसमें सबसे अधिक 50.3 मिमी वर्षा चाईबासा में दर्ज की गई। वहीं, राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रिकॉर्ड किया गया।

 

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